अमर उजाला खास खबर:
चरखी दादरी। जनस्वास्थ्य विभाग और प्रशासन जिले के 60 से अधिक जलघरों की मनरेगा स्कीम के तहत सफाई करवाएगा। इसके लिए विभाग ने एस्टीमेट फाइल तैयार कर एडीसी कार्यालय भेज दी है। योजना के अनुसार प्रत्येक जलघर की सफाई पर करीब 10 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। ऐसे में जिले के जलघरों में सफाई की इस परियोजना पर करीब छह करोड़ का बजट खर्च होने का अनुमान है।
बता दें कि बारिश के दौरान खेतों का पानी भी नहरों के जरिये जलघरों में पहुंचा था जबकि मानसून सीजन में मिट्टीयुक्त पानी पहुंचने से जलघरों के टैंकों की सफाई की दरकार है। इससे सीधे तौर पर पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। वैसे ही शहर के कई हिस्सों में सीवर मिक्स पेयजल की आपूर्ति की शिकायत बनी रहती है।
दरअसल, जलघरों तक पानी पहुंचाने वाले नाले भी ओपन हैं ओर बारिश के पानी के साथ मिट्टी व अन्य कचरा भी इनके जरिये जलघरों के टैंकों में पहुंच जाता है। वहीं, पिछले तीन माह की बात करें तो जिले में पानी के 31 प्रतिशत सैंपल फेल आए हैं। बैक्ट्रोलॉजिक टेस्ट के लिए कुल 845 सैंपल अलग-अलग जगहों से लिए गए जिनमें से 266 फेल पाए गए। शहर की बात करें तो सैंपल फेल दर 37.61 प्रतिशत है। दादरी शहर की बात करें तो जून में 104 सैंपलों में से 33, जुलाई में 51 में से 20 और अगस्त में 40 में से 18 सैंपल पाए गए। वहीं, दादरी ग्रामीण क्षेत्र की बात करें तो जून में 92 में से 19, जुलाई में 75 में से 25 और अगस्त में 47 में से 17 सैंपल पाए गए।
- 60 जलघरों के अलावा हैं 78 नहरें व माइनर
जिले में जनस्वास्थ्य विभाग के 62 जलघर हैं जिनके जरिये शहर व गांवों में पेयजल आपूर्ति की जाती है। वहीं, जिले में करीब 78 नहरें व माइनर हैं, जिनके जरिये इन सभी जलघरों में पानी डाला जाता है। विभाग ने जलघरों तक पानी पहुंचाने के लिए नहरों से जलघरों तक पक्के नाले बना रखे हैं। कहीं नालों की लंबाई एक किलोमीटर तो कहीं दो से तीन किलोमीटर है। हालांकि बाद में बने कुछ जलघरों के लिए अंडरग्राउंड पाइप लाइन भी बिछाई हुई है।
- शहर के जलघरों तक पानी पहुंचाने के लिए अंडरग्राउंड पाइपलाइन की दरकार
शहर के मेन जलघर में लोहारू नहर के जरिए पानी डाला जाता है। इस नाले की भी चंपापुरी एरिया के समीप सफाई करने की जरूरत बनी हुई है। नाले से पीछे बनी माइनर की सफाई करने की जरूरत है ताकि पानी की मात्रा बढ़ सके। शहर के जलघरों के लिए भी अंडरग्राउंड पाइप लाइन बिछाए जाने की जरूरत है ताकि पानी की गुणवत्ता में सुधार आ सके।
- सफाई के लिए ये अनुकूल समय
अब विभाग मनरेगा स्कीम के तहत जिले के सभी जलघरों की सफाई करवाएगा। इसके लिए विभाग ने एस्टीमेट फाइल तैयार कर एडीसी कार्यालय में भेज दी है। प्रत्येक जलघर पर करीब 10 लाख का बजट खर्च होगा। जलघरों की सफाई के लिए यह अनुकूल समय है।
वर्जन:
जलघरों की सफाई के लिए फाइल एडीसी कार्यालय में भेज दी है। जलघरों की सफाई मनरेगा स्कीम के तहत करवाई जाएगी। बारिश सीजन में जलघरों का पानी खराब हो जाता है। अब सभी जलघरों की सफाई करवाई जाएगी।
-जगदीशचंद्र, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग