प्रस्तावित लीड:
- माईकलां और कादमा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चल रहे बिना चिकित्सक के, मानकावास में तैनात चिकित्सक के पास डिप्टी सीएमओ का चार्ज होने के चलते जा पा रहे कभी-कभार
- कादमा और माईकलां पीएचसी में डेंटल सर्जन की भी खल रही कमी
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले के 12 में से 2 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिना चिकित्सक के चल रहे हैं। माईकलां और कादमा पीएचसी में एमओ की तैनाती नहीं है। इसके चलते फार्मासिस्ट ही मरीजों का उपचार कर दवाएं दे रहे हैं। लंबा समय बीतने के बाद भी दोनों पीएचसी में चिकित्सकों की तैनाती नहीं हुई है। वहीं, मानकावास पीएचसी में चिकित्सक की तैनाती तो है, लेकिन, उनके पास डिप्टी सीएमओ का चार्ज होने के चलते वह नियमित नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में तीनों पीएचसी पर आने वाले मरीज परेशान हैं।
दादरी जिले में चिकित्सा अधिकारी (एमओ) के 38 पद खाली हैं। जिले में स्वीकृत एमओ के 95 पदों के सापेक्ष मात्र 57 की ही तैनाती है। एमओ की कमी से जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में एक भी चिकित्सक तैनात नहीं हैं। यहां दूसरे अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों की क्रमवार ड्यूटी लगाकर जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है। इससे चिकित्सीय सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
बता दें कि जिले की आबादी करीब साढ़े पांच लाख है। इनके लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या 17 है। इनमें सिविल अस्पताल और मातृ शिशु अस्पताल के अलावा तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और 12 पीएचसी हैं। इसके बावजूद जिले के अस्पतालों में चिकित्सकों के 40 फीसदी पद खाली हैं। इन केंद्रों में चिकित्सकों के अलावा विशेषज्ञों और संसाधनों की कमी के कारण मरीजों को कई सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। विशेषज्ञों की कमी के कारण जिले से रोजाना 100 से अधिक मरीज रोहतक पीजीआई या भिवानी रेफर किए जा रहे हैं।
- सिविल अस्पताल में 17 चिकित्सक ही तैनात, एमसीएच में 70 फीसदी पद खाली
सिविल अस्पताल में सृजित कुल 42 पदों में से मात्र 17 चिकित्सक ही तैनात हैं। मातृ शिशु अस्पताल में चिकित्सकों के 70 फीसदी पद खाली हैं। यहां सात में से दो ही चिकित्सक तैनात हैं। वहीं, सात पीएचसी में भी 50 फीसदी चिकित्सक ही तैनात हैं। डिप्टी सीएमओ के पद खाली होने से सात एमओ के पास ही इनका प्रभार भी है। स्वास्थ्य केंद्रों पर वे भी अपनी सेवाओं का लाभ मरीजों को नहीं दे पा रहे हैं। डिप्टी सीएमओ का ज्यादातर फोकस अपने कार्यक्रम पर ही रहता है।
- विभाग, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रयास नहीं आए काम
जिला स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के तमाम प्रयासों के बावजूद जिले में विशेषज्ञों की तैनाती नहीं हो पाई है। इसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। मजबूरीवश मरीजों को भी दूसरे जिले के अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
वर्सन:
जिले में चिकित्सकों की तैनाती के लिए उच्च अधिकारियों के पास मांगपत्र भेज चुके हैं। चिकित्सक मिलते ही सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनाती कर कमी दूर कर दी जाएगी। तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे काम चलाया जा रहा है।
- डॉ. आशीष मान, डिप्टी सीएमओ, चरखी दादरी।
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कादमा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जहां मेडिकल ऑफिसर की तैनाती नहीं है। संवाद
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चरखी दादरी सिविल अस्पताल जहां एमओ की कमी है। संवाद