चरखी दादरी। बारिश के मौसम में चर्म रोग के मरीजों की संख्या बढ़ी हुई है। इधर, सिविल अस्पताल में पिछले डेढ़ माह से विशेषज्ञ नहीं हैं। इस कारण अस्पताल से मरीजों को उपचार के लिए रोहतक और भिवानी अस्पताल रेफर करना पड़ रहा है। ऐसे में विशेषज्ञ का पद खाली होने से चर्म रोगियों समेत तीमारदारों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सिविल अस्पताल में चर्म रोग का उपचार करवाने के लिए प्रतिदिन करीब 80 मरीज सिविल अस्पताल पहुंचते हैं। ओपीडी पर्ची बनवाने के बाद उन्हें विशेषज्ञ की नियुक्ति न होने के चलते यहां से रेफर किया जाता है। वहीं, जिनमें बीमारी की शुरुआत मिलती है उन्हें मेडिकल ऑफिसर ही दवाएं दे रहे हैं। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को रेफर करना ही विकल्प है। भिवानी और रोहतक की भागदौड़ में समय की बर्बादी के साथ मरीजों पर आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है।
दरअसल, मानसून सीजन के दौरान मौसम का मिजाज बार-बार बदल रहा है। इसके चलते लोग चर्म रोग का शिकार बन रहे हैं। सामान्य दिनों में चर्म रोग ओपीडी 50 से 55 तक सीमित रहती थी जो अब बढ़कर 80 पहुंच चुकी है। इन मरीजों का उपचार करने के लिए सिविल अस्पताल में एक भी चर्म रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं है। इसके चलते मरीजों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है।
मरीजों ने विभाग और प्रशासन से चर्म रोग विशेषज्ञ की कमी दूर करने की मांग की है। जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चर्म रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिख चुके हैं।
- निजी अस्पतालों में महंगा है उपचार
सरकारी अस्पताल में जहां मरीज को उपचार के अलावा दवा भी निशुल्क दी जाती है तो वहीं निजी अस्पतालों में चर्म रोग का उपचार भी महंगा है। आर्थिक रूप से कमजोर लोग निजी अस्पताल में आने वाला खर्च वहन नहीं कर सकते।
- ये हैं चर्म रोग के प्रकार
रुखी त्वचा, सूखी त्वचा, तिल, मुंहासे, मस्से, दाद, खाज, खुजली, फोड़ा, सफेद दाद व त्वचा छिलना और घाव होना आदि विभिन्न चर्म रोग हैं।
-चर्म रोग से बचाव के लिए ये करें उपाय
-त्वचा को साफ रखें।
-घाव को खुला न छोड़ें।
-त्वचा संबंधी समस्या को हलके में न लें।
-त्वचा शुष्क होने पर तेल की मालिश करें।
-दूषित पानी से गुजरने पर घर आते ही हाथ-पांव धोएं।
चर्म रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती के लिए उच्च अधिकारियों को लिखित में सूचना भेजी गई है। वहीं, सामान्य चर्म रोगी मरीज का उपचार यहां उपलब्ध एमबीबीएस भी कर सकता है। आचार संहिता हटने के बाद विशेषज्ञ की तैनाती हो जाएगी। -डॉ. वेदपाल, एसएमओ, सिविल अस्पताल, चरखी दादरी।