चरखी दादरी। पटवारी एवं कानूनगो की हड़ताल वीरवार को दूसरे दिन भी जारी रही। इस कारण दस्तावेज सत्यापन करवाने के लिए युवा और लोग कार्यालय और धरनास्थल के चक्कर लगाते रहे। धरना दे रहे कर्मचारियों ने उनसे संबंधित कोई भी कार्य करने से साफ मना कर दिया। इस हड़ताल के दौरान कोई युवा सत्यापन न हाेने के कारण नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर पाया तो किसी की ज्वाइनिंग अटक गई। हड़ताल के पहले दो दिन आमजन को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ी हैं।
जिले में तैनात 49 पटवारियों और 10 कानूनगो ने वीरवार को दूसरे दिन भी अपनी सीट नहीं संभाली। लगातार दूसरे दिन भी दो हजार लोगों के विभिन्न प्रकार के काम अटके रहे। पटवारियों और कानूनगो को सीट पर न पाकर कुछ लोग लघु सचिवालय के मुख्य गेट के पास धरनास्थल पर पहुंच गए।
खासकर युवाओं ने ज्वाइनिंग का हवाला देकर दस्तावेज का सत्यापन करने की गुहार लगाई, लेकिन धरनारत पटवारियों ने हड़ताल का हवाला देकर स्पष्ट इन्कार कर दिया। धरनास्थल पर पटवारियों और कानूनगो ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया।
इस हड़ताल के कारण बुधवार के बाद वीरवार को भी जमीन की फर्द, इंतकाल, जमाबंदी, जाति प्रमाणपत्र, रिहायशी प्रमाणपत्र, फर्द बदर, जमीन की पैमाइश, निशानदेही के कार्य नहीं हो पाए और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। यही स्थिति शुक्रवार को भी रहने का अनुमान है। इस लिहाज से तीन दिवसीय हड़ताल के चलते करीब छह हजार लोगों के काम प्रभावित रहने का अनुमान है।
मांग नहीं मानी तो बढ़ा सकते हैं हड़ताल
पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन के जिला प्रधान कुलबीर सांगवान, उपप्रधान रविंद्र, रामभगत, जगदीश, राजेश कुमार, कृष्ण कुमार, कपूर सिंह, अजय कुमार, रविंद्र, सत्यपाल, भूपेंद्र कुमार आदि ने बताया कि अगर सरकार ने मांग नहीं मानी तो वो हड़ताल बढ़ा भी सकते हैं।
- एसोसिएशन को इन संगठनों ने दिया समर्थन
पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन को वीरवार को विभिन्न संगठनों का समर्थन मिला। सीटू के जिला प्रधान राजकुमार घिकाड़ा, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान कृष्ण कुमार, किसान सभा के प्रधान रणधीर कुंगड, सर्व कर्मचारी संघ उपप्रधान यशपाल सांगवान, सचिव रामपाल आदि ने धरनास्थल पर पहुंचकर एसोसिएशन की मांग का समर्थन किया।
- युवाओं की परेशानी, उन्हीं की जुबानी
- सेना भर्ती के लिए सभी प्रक्रिया पूरी कर चुका हूं। अब जरूरी दस्तावेज भर्ती कार्यालय में जमा करवाने हैं। रिहायशी प्रमाणपत्र और पीपीपी का सत्यापन करवाने के लिए आया था लेकिन हड़ताल के कारण काम नहीं बना। भर्ती कार्यालय में छह जनवरी तक दस्तावेज जमा करवाने जरूरी है वरना मेहनत पर पानी फिर जाएगा। - राहुल, निमली।
- पिछले दो दिनों से नो जॉब सर्टिफिकेट का सत्यापन करवाने के लिए कभी कार्यालय तो कभी धरनास्थल के चक्कर लगा रहा हूं। पटवारी सत्यापन से स्पष्ट मना कर रहे हैं। दस्तावेज के बिना किसी भी सरकारी नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर सकता। हड़ताल के कारण काम नहीं बन पा रहा और बेहद परेशान हूं। - राजेश कुमार, डोहकी।