- दादरी हलके से वर्ष 1967 में तो दादरी हलके से वर्ष 2019 में निर्दलीय प्रतयाशी बना विधायक
- वर्ष 1996 के चुनाव दोनों हलकों से मैदान में उतरे थे सर्वाधिक 56 निर्दलीय उम्मीदवार
हनी सोनी
चरखी दादरी। जिले के दोनों विधानसभा क्षेत्रों में अब तक हुए 13 चुनावों में 237 निर्दलीय मैदान में उतरे हैं। इनमें से महज 2 को ही विधानसभा में जाने का मौका मिला है। बाढड़ा हलके में पहला निर्दलीय प्रत्याशी 1967 के चुनाव में जीता था जबकि दादरी हलके में यह कारनामा मतदाताओं ने वर्ष 2019 के चुनाव में किया। इस चुनाव की बात करें तो दोनों हलकों से 10-10 निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं।
वर्ष 1967 से लेकर 2017 तक हुए चुनाव के आंकड़ों की बात करें तो 372 प्रत्याशी अपने भाग्य आजमा चुके हैं। बाढड़ा हलके की बात करें तो 166 में से 112 प्रत्याशियों ने निर्दलीय ताल ठोकी है। वहीं, दादरी हलके में अब तक 205 प्रत्याशी चुनाव लड़ चुके हैं। इनमें से 125 निर्दलीय हैं। हालांकि, दोनों हलकों के मतदाताओं ने निर्दलीय प्रत्याशियों पर ज्यादा विश्वास नहीं जताया है। पिछले चुनावों के आंकड़े इसकी बानगी हैं। इसके बाद दोनों हलकों से निर्दलीय ताल ठोकने वाले प्रत्याशी भी इन तथ्यों से भली-भांति परिचित हैं।
बाढड़ा हलके की बात करें तो वर्ष 1967 के चुनाव में 7 प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें चार निर्दलीय शामिल थे। निर्दलीय उम्मीदवार अत्तर सिंह ने 15,003 वोट लेकर चुनाव जीता था। इसके बाद 12 चुनाव बीते लेकिन हलके के मतदाताओं ने किसी निर्दलीय प्रत्याशी को विधानसभा नहीं भेजा। राजनीतिक पार्टियों के उम्मीदवारों पर ही भरोसा जताया।
वहीं, दादरी हलके के मतदाताओं ने वर्ष 2019 में निर्दलीय प्रत्याशी को विधायक चुनाव। दादरी हलके में वर्ष 2019 के चुनाव में 18 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें से 8 निर्दलीय थे। निर्दलीय प्रत्याशी सोमबीर सांगवान ने 43,849 वोट लेकर जीत हासिल की थी। इससे पहले दादरी हलके के मतदाताओं ने कभी निर्दलीय प्रत्याशी पर भरोसा नहीं जताया।
- वर्ष 1996 के चुनाव में बढ़ी निर्दलीय प्रत्याशियों की संख्या
वैसे तो हर चुनाव में चार से छह निर्दलीय उम्मीदवारों ने ताल ठोकी, लेकिन कुछ चुनाव ऐसे रहे, जिनमें निर्दलीय प्रत्याशियों की संख्या इससे ज्यादा रही। वर्ष 1996 के चुनाव के आंकड़ों पर गौर करें तो दोनों हलकों से 56 निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में उतरें। दादरी हलके में वर्ष 1996 के चुनाव में 35 और बाढड़ा हलके में 21 निर्दलीय प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा। अब तक के इतिहास में निर्दलीय चुनाव लड़ने वालों की यह सर्वाधिक संख्या है।
- इन चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने दी कड़ी टक्कर
बाढड़ा हलके में वर्ष 1968 व 1977 के चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार अत्तर सिंह उप विजेता रहे। वहीं, दादरी हलके में वर्ष 1977 के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी गणपतराय उप विजेता रहे। इसके बाद वर्ष 2005 के चुनाव में सतपाल उपविजेता रहे।
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दादरी हलके में मतदान के लिए कतार में खड़े मतदाता। फाइल फोटो