चरखी दादरी। शहर के बीचोंबीच दस करोड़ की लागत से तैयार किए गए मातृ-शिशु अस्पताल में जल्द ही निक्कू और हाई डिपेंडेंट वार्ड बनाया जाएगा। इसके लिए डेढ़ करोड़ का बजट स्वास्थ्य विभाग को पहले ही मिल चुका है। बजट ट्रांसफर होने के बाद ही पीडब्ल्यूडी ने इस परियोजना की निविदा आमंत्रित की थी। अब वर्क अलॉटमेंट के साथ वर्क ऑर्डर जारी हो गया है। जून के मध्य तक मातृ शिशु अस्पताल में निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
करीब दो साल पहले निक्कू और हाई डिपेंडेंट वार्ड (उच्च निर्भर इकाई) बनाने का प्रपोजल जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयार किया गया था। करीब चार माह बाद इस परियोजना को मुख्यालय से स्वीकृति मिली थी और छह माह पहले सरकार की ओर से डेढ़ करोड़ का बजट जारी किया गया था। जिला स्वास्थ्य विभाग ने ये बजट पीडब्ल्यूडी को ट्रांसफर किया था और इसके बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई। खास बात ये है कि टेंडर प्रक्रिया सिरे चढ़ गई है और पीडब्ल्यूडी ने एजेंसी को वर्क भी अलॉट कर दिया है।
इसके मद्देनजर सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार ने डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता को साथ लेकर मातृ शिशु अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निक्कू और हाई डिपेंडेंट वार्ड के लिए पहुंचीं मशीनों का भी जायजा लिया। सीएमओ यहां करीब आधे घंटे तक रुके और उन्होंने स्टाफ को आवश्यक निर्देश भी दिए। सीएमओ ने बताया कि निक्कू और हाई डिपेंडेंट वार्ड में 30 बेड की व्यवस्था होगी।
- आईसीयू में 4 तो एसडीयू में होंगे 8 बेड
सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि निक्कू और हाई डिपेंडेंट वार्ड में 30 बेड की व्यवस्था होगी। यहां चार बेड का आईसीयू और 8 बेड का एसडीयू बनाया जाएगा। इन सभी 12 बेड पर वेंटिलेटर की सुविधा रहेगा जबकि 18 अन्य बेड ऑक्सीजन सुविधायुक्त होंगे।
- नवजात को रेफर करने का झंझट होगा खत्म
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार निक्कू और हाई डिपेंडेंट वार्ड बनने के बाद नवजात बच्चों को रेफर करने का झंझट खत्म होगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल दादरी में ये सुविधा नहीं होने से डिलिवरी के बाद गंभीर रूप से बीमार बच्चों को रोहतक पीजीआई रेफर करना पड़ रहा है।
- ऑक्सीजन प्लांट भी लगेगा
सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि डेढ़ करोड़ के प्रोजेक्ट के तहत मातृ शिशु अस्पताल में एक ऑक्सीजन प्लांट भी लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का जिले में यह दूसरा ऑक्सीजन प्लांट होगा। इससे पहले सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाया जा चुका है।
जानिये....किन मामलों में निक्कू वार्ड की पड़ती है जरूरत
- प्री मेच्योर डिलिवरी होने पर
- डिलिवरी के बाद नवजात को पीलिया होने पर
- जन्म से कमजोर बच्चे की देखभाल में
- इंफेक्शन का शिकार बने नवजात को रखने में
करीब डेढ़ करोड़ रुपये से निक्कू और हाई डिपेंडेंट वार्ड का निर्माण होगा। इसका टेंडर पीडब्ल्यूडी ने अलॉट कर दिया है। बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती जिले में हो चुकी है और प्रयास है कि जल्द ही निक्कू वार्ड शुरू कर दिया जाए।
-डॉ. कृष्ण कुमार, सीएमओ, चरखी दादरी