चरखी दादरी। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को नौवें दिन भी जारी रही। हड़ताल के चलते विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं और इसके चलते मरीजों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। इसके अलावा जिला स्वास्थ्य विभाग के एनीमिया जांच और डेंगू-मलेरिया रोकथाम जागरूकता अभियान भी प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, धरनास्थल पर शनिवार को कर्मचारियों ने ऐलान किया कि मांगें पूरी होने तक वो काम पर नहीं लौटेंगे। ऐसे में अभी मरीजों को और दिक्कतें झेलनी पड़ेंगी।
बता दें कि पिछले नौ दिनों से एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर हैं। दूसरी ओर सरकार के लंबित मांगें पूरी न करने से उनमें रोष है और दो बार वो हड़ताल को बढ़ा चुके हैं। शुक्रवार को ही उन्होंने चार दिन और हड़ताल बढ़ाने के संदर्भ में कार्यवाहक सीएमओ डॉ. नरेश को ज्ञापन सौंपा था। उसी अनुसार शनिवार को भी जिले के सभी 277 एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर रहे और सिविल अस्पताल परिसर में धरना दिया। कर्मचारी नेताओं ने धरनास्थल पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया।
उन्होंने कहा कि सरकार एनएचएम कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही जबकि इसका असर ज्यादातर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगें पूरी करने के बजाय सरकार ने विभाग की मार्फत हड़ताल में शामिल कर्मचारियों को नोटिस भी दिलाए, लेकिन बावजूद इसके कोई फर्क नहीं पड़ा और कर्मचारी हड़ताल पर डटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि हड़ताल खत्म करवाने के लिए सरकार को पहल करनी चाहिए ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
-रविवार को सौंपेंगे ज्ञापन
कर्मचारी नेता एएनएम सुशीला देवी, कृष्णा देवी, राजबाला, सीमा देवी, मंजू देवी, ममता देवी, रेशमा, रेखा, कुलबीर, अनिल, अश्वनी, सुनील, विनोद कुमार व महेंद्र सिंह आदि ने बताया कि हड़ताल में शामिल कर्मचारी अपनी मांगें पूरी करवाने के बाद ही प्रदर्शन खत्म करेंगे। रविवार को प्रतिनिधिमंडल भाजपा जिला अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपेगा।
- ये सेवाएं हुईं प्रभावित
जिले में तैनात 277 एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल पर होने का असर कई स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। हड़ताल के चलते फील्ड सर्वे कार्य, सैंपलिंग, बच्चों का टीकाकरण, खून की जांच, गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण व एंबुलेंस सेवा प्रभावित है। इसके अलावा एनीमिया जांच अभियान पर भी हड़ताल का काफी असर है।