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साइबर ठगों का नया पैंतरा : मैं महाराज बोल रहा हूं, मुझे रुपयों की जरूरत है और झांसे में ठग लेते हैं रुपये

Fri, 07 Apr 2023 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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चरखी दादरी साइबर थाना जहां ठगी के चार केस दर्ज हुए।
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चरखी दादरी। पुलिस के जागरूकता मुहिम चलाने के बाद भी जिले में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए साइबर अपराधी नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। हाल ही में उनका एक नया पैंतरा सामने आया है जिसमें वो कॉल कर सामने वाले शख्स से कहते है कि मैं महाराज बोल रहा हूं और मुझे रुपयों की जरूरत है। यह बात सुनकर लोग उन्हें गांव के मंदिर का महाराज समझकर फोन-पे के जरिये रुपये ट्रांसफर कर देते हैं। इस तरह की ठगी पैंतावास कलां निवासी सैनिक और खेड़ी सनवाल निवासी रिटायर्ड फौजी के साथ हुई है। एक ही दिन में साइबर थाना में ठगी के चार मामले दर्ज हुए जिनमें 1.11 लाख रुपये षड्यंत्र कर ठगे गए। इससे पहले पिछले छह माह में जिले में साइबर ठगी के 26 मामले दर्ज हो चुके हैं।
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जानिये...किसे किस तरह लगाई हजारों की चपत
केस-1: रिटायर्ड सैनिक ने दो ट्रांजेक्शन में महाराज समझकर डाले 40 हजार
साइबर थाना पुलिस को दी शिकायत में खेड़ी सनवाल निवासी रिटायर्ड सैनिक महेश कुमार ने बताया कि उसके पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले शख्स ने उससे कहा कि महेश मैं महाराज बोल रहा हूं। मुझे 40 हजार रुपये की जरूरत है। यह सुनकर महेश ने 20-20 हजार की दो ट्रांजेक्शन मोबाइल नंबर पर कर दी। जिस नंबर पर रुपये भेजे गए उस पर देवयानी शर्मा नाम लिखा आया और उसे बाद में पता चला कि धोखाधड़ी से ये ट्रांजेक्शन करवाई गई हैं।
केस-2: रिश्तेदार समझकर फोन-पे पर डाल दिए 34 हजार रुपये
अचीना निवासी सुनील ने बताया कि उसके पास एक कॉल आई। उसने सोचा की ये कॉल उसके रिश्तेदार की है। कॉल करने वाले शख्स ने उससे कहा कि मेरे मोबाइल पर एक ट्रांजेक्शन नहीं हो रही है। इसके बाद उसने 9 हजार और 25 हजार की ट्रांजेक्शन कर दी। सुनील ने बताया कि वो साइबर ठग की बातों में आ गया और 34 हजार की रकम गंवा दी। बाद में उसने रिश्तेदार के पास कॉल की तो उसने उससे कहा कि रुपयों के लिए उसने कोई कॉल नहीं की।
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केस-3: फोन करने वाले को महाराज समझकर सैनिक ने खाते में डाले 19600
पैंतावास कलां निवासी एवं सेना का जवान नवीन भी साइबर ठगों का शिकार बना है। नवीन ने साइबर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर में है और वो एक माह की छुट्टी लेकर घर आया था। उसी दौरान उसके पास कॉल आई और कॉल करने वाले शख्स ने उससे कहा कि मैं महाराज बोल रहा हूं और 20 हजार रुपये की जरूरत है। नवीन के अनुसार उसने 19,600 रुपये एक नंबर पर फोन पे के जरिये डाल दिए।
केस-4: व्हाट्सएप पर परिचित की डीपी लगाकर शिक्षक से ठगे 17 हजार
डालावास निवासी सुबोधचंद्र भी ठगों के जाल में फंस गए। पुलिस शिकायत में उन्होंने बताया कि वो सरकारी शिक्षक है। उनके पास व्हाट्सएप नंबर से एक कॉल आई और उसने उससे 17 हजार रुपये ट्रांसफर करने की बात कही। सुबोधचंद्र ने बताया कि जब उसने नंबर की जांच की तो डीपी उसके परिचित घिकाड़ा निवासी श्यामफूल की मिली। उसने कॉल श्यामफूल की समझकर उस नंबर पर 17 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में उसे पता चला कि उसके साथ ठगी हुई है।
- गत छह माह में ये भी बने ठगी का शिकार
- सितंबर माह में बिरही कलां निवासी एक व्यक्ति से यूरिया प्लांट की मशीन दिलाने के लिए एक व्यक्ति ने उससे चार लाख रुपये ले लिए और बाद में फोन उठाना बंद कर दिया।
- झोझूकलां निवासी एक व्यक्ति को किसी ने लॉटरी का झांसा देकर उससे 1.73 लाख रुपये ले लिए थे। बाद में उसने पुलिस को आरोपी के खिलाफ शिकायत देकर केस दर्ज कराया।
- 17 सितंबर को शहर निवास एक व्यक्ति का एटीएम कार्ड बदलकर उसके खाते से आरोपी ने 1.35 लाख रुपये निकाल लिए थे। पीड़ित ने केस दर्ज कराया है।
- 7 अक्तूबर को एक बुजुर्ग व्यक्ति का डेबिट कार्ड बदलकर उसके खाते से 2 लाख रुपये निकाले गए थे। उसने इस संबंध में पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई करने की मांग की थी।
- नवंबर माह में दो व्यक्तियों को महंगा फर्नीचर और गाड़ी सस्ते रेट पर बेचने का झासा देकर उनसे 1,45,080 और 86,650 रुपये ठग लिए। इसके बाद उन्होंने पुलिस को इसकी शिकायत दी थी।
- 22 नवंबर को ढाणी फौगाट निवासी एक व्यक्ति के फोन पर बिजली बिल अपडेट करने का संदेश भेजकर उसके खाते से 1.68 लाख रुपये उड़ा लिए थे।
- 20 नवंबर को जिला निवासी एक दंपति से घर में सुख-शांति करने की एवज में एक तांत्रिक ने एक माह में 11.12 लाख रुपये ले लिए। जब घर में शांति नहीं हुई तो तांत्रिक ने अपना नंबर बदल दिया।
- दिसंबर माह में ठगों ने दो व्यक्तियों को डीलरशिप दिलाने और कंपनी में निवेश करने के नाम पर उनसे 15 लाख और 3.75 लाख रुपये ऐंठ लिए।
- 14 दिसंबर को अनाज मंडी में फर्म के मालिक के खाते से पांच बार करके बीस लाख रुपये निकाले गए थे। 15 दिसंबर को उसने सिटी पुलिस थाने में इसकी शिकायत दी थी।
शिकायतों पर इस संबंध में केस दर्ज कर लिए गए हैं। मामलों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रयास रहेगा कि जल्द इन वारदात को ट्रेस किया जाए।
-ओमप्रकाश, प्रभारी, साइबर थाना


जानिये...किसे किस तरह लगाई हजारों की चपत
केस-1: रिटायर्ड सैनिक ने दो ट्रांजेक्शन में महाराज समझकर डाले 40 हजार
साइबर थाना पुलिस को दी शिकायत में खेड़ी सनवाल निवासी रिटायर्ड सैनिक महेश कुमार ने बताया कि उसके पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले शख्स ने उससे कहा कि महेश मैं महाराज बोल रहा हूं। मुझे 40 हजार रुपये की जरूरत है। यह सुनकर महेश ने 20-20 हजार की दो ट्रांजेक्शन मोबाइल नंबर पर कर दी। जिस नंबर पर रुपये भेजे गए उस पर देवयानी शर्मा नाम लिखा आया और उसे बाद में पता चला कि धोखाधड़ी से ये ट्रांजेक्शन करवाई गई हैं।
केस-2: रिश्तेदार समझकर फोन-पे पर डाल दिए 34 हजार रुपये
अचीना निवासी सुनील ने बताया कि उसके पास एक कॉल आई। उसने सोचा की ये कॉल उसके रिश्तेदार की है। कॉल करने वाले शख्स ने उससे कहा कि मेरे मोबाइल पर एक ट्रांजेक्शन नहीं हो रही है। इसके बाद उसने 9 हजार और 25 हजार की ट्रांजेक्शन कर दी। सुनील ने बताया कि वो साइबर ठग की बातों में आ गया और 34 हजार की रकम गंवा दी। बाद में उसने रिश्तेदार के पास कॉल की तो उसने उससे कहा कि रुपयों के लिए उसने कोई कॉल नहीं की।
केस-3: फोन करने वाले को महाराज समझकर सैनिक ने खाते में डाले 19600
पैंतावास कलां निवासी एवं सेना का जवान नवीन भी साइबर ठगों का शिकार बना है। नवीन ने साइबर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर में है और वो एक माह की छुट्टी लेकर घर आया था। उसी दौरान उसके पास कॉल आई और कॉल करने वाले शख्स ने उससे कहा कि मैं महाराज बोल रहा हूं और 20 हजार रुपये की जरूरत है। नवीन के अनुसार उसने 19,600 रुपये एक नंबर पर फोन पे के जरिये डाल दिए।
केस-4: व्हाट्सएप पर परिचित की डीपी लगाकर शिक्षक से ठगे 17 हजार
डालावास निवासी सुबोधचंद्र भी ठगों के जाल में फंस गए। पुलिस शिकायत में उन्होंने बताया कि वो सरकारी शिक्षक है। उनके पास व्हाट्सएप नंबर से एक कॉल आई और उसने उससे 17 हजार रुपये ट्रांसफर करने की बात कही। सुबोधचंद्र ने बताया कि जब उसने नंबर की जांच की तो डीपी उसके परिचित घिकाड़ा निवासी श्यामफूल की मिली। उसने कॉल श्यामफूल की समझकर उस नंबर पर 17 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में उसे पता चला कि उसके साथ ठगी हुई है।
- गत छह माह में ये भी बने ठगी का शिकार
- सितंबर माह में बिरही कलां निवासी एक व्यक्ति से यूरिया प्लांट की मशीन दिलाने के लिए एक व्यक्ति ने उससे चार लाख रुपये ले लिए और बाद में फोन उठाना बंद कर दिया।
- झोझूकलां निवासी एक व्यक्ति को किसी ने लॉटरी का झांसा देकर उससे 1.73 लाख रुपये ले लिए थे। बाद में उसने पुलिस को आरोपी के खिलाफ शिकायत देकर केस दर्ज कराया।
- 17 सितंबर को शहर निवास एक व्यक्ति का एटीएम कार्ड बदलकर उसके खाते से आरोपी ने 1.35 लाख रुपये निकाल लिए थे। पीड़ित ने केस दर्ज कराया है।
- 7 अक्तूबर को एक बुजुर्ग व्यक्ति का डेबिट कार्ड बदलकर उसके खाते से 2 लाख रुपये निकाले गए थे। उसने इस संबंध में पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई करने की मांग की थी।
- नवंबर माह में दो व्यक्तियों को महंगा फर्नीचर और गाड़ी सस्ते रेट पर बेचने का झासा देकर उनसे 1,45,080 और 86,650 रुपये ठग लिए। इसके बाद उन्होंने पुलिस को इसकी शिकायत दी थी।
- 22 नवंबर को ढाणी फौगाट निवासी एक व्यक्ति के फोन पर बिजली बिल अपडेट करने का संदेश भेजकर उसके खाते से 1.68 लाख रुपये उड़ा लिए थे।
- 20 नवंबर को जिला निवासी एक दंपति से घर में सुख-शांति करने की एवज में एक तांत्रिक ने एक माह में 11.12 लाख रुपये ले लिए। जब घर में शांति नहीं हुई तो तांत्रिक ने अपना नंबर बदल दिया।
- दिसंबर माह में ठगों ने दो व्यक्तियों को डीलरशिप दिलाने और कंपनी में निवेश करने के नाम पर उनसे 15 लाख और 3.75 लाख रुपये ऐंठ लिए।
- 14 दिसंबर को अनाज मंडी में फर्म के मालिक के खाते से पांच बार करके बीस लाख रुपये निकाले गए थे। 15 दिसंबर को उसने सिटी पुलिस थाने में इसकी शिकायत दी थी।
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शिकायतों पर इस संबंध में केस दर्ज कर लिए गए हैं। मामलों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रयास रहेगा कि जल्द इन वारदात को ट्रेस किया जाए।
-ओमप्रकाश, प्रभारी, साइबर थाना
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