दुकानदारों का कहना है कि अधिकतर दूल्हे शादी के लिए गुलाब के फूलों से सजी गाड़ियां पसंद कर रहे हैं। फूलों का कारोबार 20 लाख रुपये तक पहुंचने की संभावना है। जुलाई के बाद अब 12 नवंबर को शादियों का दौर शुरू हुआ है।
मंगलवार कार सजावट की दुकानों पर गाड़ियां सजवाने के लिए लंबी कतारें देखी गईं। शहर की सभी वाटिकाएं पहले ही बुक कर दी गईं। गुलाब की पत्तियों, कलियों, गेंदा फूल, गुलदावरी फूल, जिपसो और ज्रबरा फूलों की मांग काफी बढ़ जाती है।
दुकानदारों का कहना है कि गाड़ियां सजवाने के लिए अलग-अलग रेट तय किए गए हैं। गुलाब के फूलों से गाड़ी सजावट का रेट ढाई से 7,000 हजार रुपये तक पहुंच गया है। इसके साथ ही वरमाला, मोगरा के फूलों से बना गजरा, दुल्हन एंट्री चादर की मांग भी अच्छी-खासी बनी रही।
वाटिका की फूलों से सजावट पर खर्च होते हैं 50 हजार तक
शहर में लगभग 15 वाटिकाएं और गार्डन बने हैं। मंगलवार के लिए सभी वाटिकाएं व धर्मशालाएं भी बुक रहीं। फूल संचालकों का कहना है कि असली फूलों की सजावट पर प्रति वाटिका 50,000 रुपये तक की लागत आती है।
दुल्हन एंट्री चादर की कीमत 11,000 रुपये
फूल सजावट के संचालक ने बताया कि दुल्हन एंट्री चादर की मांग काफी बढ़ी हुई है। विभिन्न प्रकार के फूलों से बनी एक चादर की कीमत 11,000 तक बताई गई है। चादर को रजीगंधा, जिपसो,ज्रबरा फूल, बंगलुरू गुलाब के अलावा मोगरा के फूलों से सजाया जाता है। कारीगर का कहना है कि इस चादर में इस्तेमाल होने वाले सभी फूल कीमती होते हैं।
अबकी बार अधिकतर दूल्हे अन्य फूलों की सजावट की अपेक्षा गुलाब की ओर आकर्षित हो रहे हैं। जिले में मंगलवार को 300 गाड़ियां गुलाब के असली फूलों से सजीं। वहीं, 150 गाड़ियां बनावटी व मिक्स फूलों से सजाई गईं।
-राजेश कुमार, फूल विक्रेता
देवउठनी के इस सावे पर गुलाब की कलियों और पत्तियों की मांग अधिक है। अधिकतर गुलाब की कलियों और जिपसों के फूलों से ही अपनी गाड़ी सजवाना पसंद कर रहे हैं। सभी प्रकार के फूलों का भरपूर मात्रा में स्टॉक किया गया है। दुकान पर आने वाले ग्राहक को खाली नहीं भेजा जाएगा। उनकी मांग के अनुसार ही फूल मंगवाए गए हैं।