चरखी दादरी। जिले के 25 उप स्वास्थ्य केंद्रों को नए भवन मिलने का रास्ता सरकार के जमीन की शर्त हटाते ही साफ हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने अब भवनों के निर्माण का प्रपोजल और एस्टीमेट तैयार करवाकर मुख्यालय भेज दिया है। इसके अनुसार 25 भवनों के निर्माण पर करीब 13 करोड़ रुपये लागत आएगी। वहीं, नए भवनों के निर्माण से करीब डेढ़ लाख लोगों को फायदा होगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि मुख्यालय से स्वीकृति और बजट मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
जिले में 35 से अधिक उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवन लंबे समय से जर्जर हैं। अक्तूबर 2021 में सरकार के निर्देशों पर पुराने भवनों की मौजूदा स्थिति जानने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से संपर्क किया था। उसके बाद संयुक्त टीम ने इन भवनों का निरीक्षण किया। टीम ने 25 भवनों को जर्जर बताया था जबकि दस में मरम्मत की दरकार बताई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने पीडब्ल्यूडी से तैयार करवाई गई रिपोर्ट अगली कार्रवाई के लिए सरकार के पास भेजी थी। उस दौरान कयास लगाए जा रहे थे कि सरकार जल्द ही बजट जारी कर देगी, जिसके बाद पीडब्ल्यूडी की ओर से टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाना था।
सरकार ने उम्मीदों के अनुसार बजट तो जारी नहीं किया, ऊपर से नए भवन निर्माण के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र के पास आधा एकड़ जमीन होने की शर्त जरूर लगा दी थी। इसके चलते यह प्रोजेक्ट अटक गया था। हाल ही में सरकार ने यह शर्त हटा दी है जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने पीडब्ल्यूडी से प्रपोजल और एस्टीमेट तैयार करवाकर सरकार को भेज दिया है।
- बैठने तक की जगह नहीं, स्टाफ व मरीज दोनों परेशान
उप स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात स्टाफ भी बेहद परेशान है। उन्हें बैठने तक की जगह मुहैया नहीं हो पा रही। सूत्रों के अनुसार उप स्वास्थ्य केंद्रों का स्टाफ किसी गांव में पंचायत घर में तो किसी गांव में लोगों के घर एक कमरा लेकर बैठ रहा है। एक उप स्वास्थ्य केंद्र की दैनिक ओपीडी आठ से दस के बीच रहती है। कुछ स्वास्थ्य केंद्र ऐसे भी हैं, जहां ओपीडी 15 तक पहुंच जाती है। इन 25 उप स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रतिदिन 200 मरीज पहुंचते हैं।
- इन गांवों में बनने प्रस्तावित हैं नए भवन
चांगरोड, चंदेनी, मौड़ी, कलियाणा, घसोला, मकड़ाना, तिवाला, बिरही कलां, जीतपुरा, डुडीवाला किशनपुरा, रासीवास, रावलधी, मिसरी, सांजरवास, लोहरवाड़ा, बास, झिंझर, समसपुर, लाहरवाड़ा, मोरवाला, बिगोवा, सांतौर, बौंद खुर्द, कारी रूपा, ऊण, फतेहगढ़ आदि गांव में बने उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवन पीडब्ल्यूडी ने कंडम माने हैं। इन गांवों में नए भवन बनने प्रस्तावित हैं।
- कंडम भवनों को गिराने का एस्टीमेट भी तैयार करवा चुका विभाग
पीडब्ल्यूडी से ही स्वास्थ्य विभाग ने 25 उप स्वास्थ्य केंद्रों के कंडम भवनों को गिराने पर आने वाला खर्च का ब्योरा तक तैयार करवा लिया था, लेकिन नए का निर्माण शुरू कराने के बजाय सरकार ने जमीन की शर्त लगा दी। वहीं, सूत्रों के अनुसार एक उप स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण के लिए सरकार 50 से 55 लाख रुपये मंजूर करती है।
सरकार ने उप स्वास्थ्य केंद्रों के नए भवन निर्माण के लिए जो आधा एकड़ जमीन की शर्त लगाई थी, वो हटा दी है। इसके बाद हमने पीडब्ल्यूडी से तैयार कराया गया प्रपोजल और एस्टीमेट मंजूरी के लिए मुख्यालय भेज दिया है। वहां से स्वीकृति मिलते ही अगली प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
-डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ, चरखी दादरी।