चरखी दादरी। डेयरी क्षेत्र में भी रोजगार के अच्छे अवसर उपलब्ध हैं, बशर्ते इसकी प्लानिंग, फाइनेंसिंग और कृषि व्यवसाय को साथ जोड़कर कार्य किया जाए। महेंद्रगढ़ जिला के गुढ़ा गांव की नीतू गाय फार्म इसका एक अच्छा उदाहरण है। यहां 14 साल में पंजाब से लाई गई पांच बछड़ियों से 200 गायों का फार्म खड़ा किया गया है।
फार्म की मालिक नीतू ने बताया कि उन्होंने 2008 में 5 गायों से पशुपालन का कार्य शुरू किया था। इसके साथ उन्होंने इस कार्य को खेती से भी जोड़ा। गाय के गोबर और मूत्र से खेतों को भी रसायन खाद से मुक्त कर दिया। आज उसके फार्म में लगभग 200 गाय हैं। वह हर रोज अमूल को लगभग 2 हजार लीटर दूध की सप्लाई कर रही हैं। हरियाणा सरकार की ओर से आयोजित पशु मेले में वह पांच दूध देने वाली गाय लेकर आई है। इनमें एक एचएफ नस्ल की गाय है जो हर रोज 60 लीटर दूध देती है। नीतू वर्ष 2019 में राष्ट्रपति अवाॅर्ड से सम्मानित है।
नीतू ने बताया कि उन्होंने दस-बीस हजार की नौकरी के पीछे भागने के बजाय स्वरोजगार अपनाना ही बेहतर समझा। युवाओं को भी नौकरी के बजाय अपना खुद का रोजगार खड़ा करना चाहिए। डेयरी फार्म के लिए सरकार बहुत सी योजनाएं चला रही हैं और उन योजनाओं का फायदा उठाकर अगर बेहतर ढंग से फार्मिंग की जाए तो नौकरी देने वाले बन सकते हैं।
- डेयरी फार्मिंग योजना को विभाग देगा बढ़ावा
पशुपालन विभाग के महानिदेशक डॉ. वीरेंद्र लोरा ने बताया कि डेयरी फार्मिंग योजना 2023 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगारों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए डेयरी को बढ़ावा दिया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत दूध के उत्पादन के लिए डेयरी फार्म की स्थापना को बढ़ावा दिया जाएगा। डेयरी फार्मिंग योजना के तहत 4 से 10 और 20 से 50 पशुओं की डेयरी यूनिट पर 25 फीसदी अनुदान दिया जाता है और बड़ी डेयरी यूनिट पर संपूर्ण ब्याज विभाग द्वारा अनुदान के रूप में दिया जाता है।