चरखी दादरी। अपनी जान को जोखिम में डालकर नगर परिषद के कर्मचारी दिन रात लोगों की सेवा में लगे हुए हैं। कोरोना के मरीज की मौत होने पर उनका दाह संस्कार करना, सैनिटाइजेशन, शहर की सफाई व्यवस्था और डोर टू डोर कूड़ा उठाने जैसे सभी काम ये कर्मचारी निस्वार्थ भाव से कर रहे हैं। डीसी राजेश जोगपाल ने नप कर्मचारियों के इन प्रयासों की सराहना की है।
कोरोना की महामारी के बीच अस्पताल, ऑक्सीजन, लॉकडाउन, बेड, वेंटिलेटर आदि से हटकर नगर परिषद के कर्मचारी खामोशी से अपने कार्य करने में लगे हुए हैं। अलसुबह होते ही शहर की सड़कों पर कुछ वाहन घूमने शुरू हो जाते हैं, जो लाउडस्पीकर से लोगों को घर पर ही रहने, मास्क लगाने, दो गज की दूरी का पालन करने और कोरोना से बचने के लिए प्रेरित करते हैं। लगभग सभी गली मोहल्लों से ये वाहन कूड़ा इकट्ठा करके ले जाते हैं। इन्हीं के साथ खाकी वर्दी व लाल जैकेट पहन कर निकले सफाई कर्मचारी शहर की साफ सफाई करने में जुट जाते हैं। जो बीमारी के संक्रमण को जानते हुए भी अपनी जान को जोखिम में डालकर मुंह पर मास्क लगाकर चुपचाप अपने काम के प्रति तल्लीनता से लगे रहते हैं।
सफाई से लेकर सैनिटाजेशन का काम कर रही परिषद
नगर परिषद सचिव प्रशांत परासर ने बताया कि दादरी नगर परिषद के 244 में से 210 सफाई कर्मचारी हर रोज शहर के सभी 21 वार्डों व सार्वजनिक स्थानों की सफाई करते हैं। दस कर्मचारी यहां नंदीशाला की देखरेख का काम संभाल रहे हैं। शहर में ई रिक्शा, ऑटो रीपर, छोटी गाड़ियां व छह ट्रैक्टर सहित 53 वाहन कूड़ा उठाने का काम कर रहे हैं। इसके अलावा नप कर्मी शहर को सैनिटाइज करने की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं।
छह टीमें कर रहीं सैनिटाइजेशन कार्य
सचिव प्रशांत पाराशर ने बताया कि नगरपरिषद ने अपनी छह टीमें सैनेटाइजेशन के काम में लगाई हुई है। दमकल विभाग की एक गाड़ी भी मंडियों, बसस्टैंड, बाजारों में सैनेटाइजर का छिड़काव करती है। नगरपरिषद ने 1800-18000-056 एक हेल्पलाइन नंबर आम जनता के लिए जारी किया हुआ है। इस नंबर पर सफाई की समस्या बताए जाने के बाद तीन घंटे में शिकायत का निवारण कर दिया जाता है।
पीपीई किट पहन करते हैं कोरोना के मृतकों का संस्कार
सबसे मुश्किल काम है पीपीई किट पहनकर भरी गर्मी व तेज धूप में कोरोना के शिकार हुए किसी मृतक का दाह-संस्कार करना। नगरपरिषद के कर्मचारी कोविड की बीमारी से मारे गए लोगों के अंतिम संस्कार के कार्य को अपना परम कर्तव्य मानकर पूरा कर रहे हैं। नगर परिषद की दो टीमें दरोगा अरुण कुमार की अगुवाई में कोविड मृतकों का स्थानीय रामबाग में अंतिम संस्कार करती हैं।
80 से अधिक दाह-संस्कार कर चुकी टीमें
कोरोना मरीज की घर, अस्पताल या कहीं पर मृत्यु हो जाए तो स्वास्थ्य विभाग मृतक की देह को दाह-संस्कार के लिए एंबुलेंस से दादरी शहर के रामबाग में पहुंचा देता है। यहां परिषद की दो टीम इस काम में लगी हुई है। एक टीम में चालक सिकंदर व विपिन, आकाश, महेंद्र और चंद्रभान है। दूसरी टीम में चालक राजेश व सफाई कर्मचारी सुरेश, भारत, रणजीत व हरिचंद शामिल है। ये दोनों टीमें अब तक अस्सी व्यक्तियों का अंतिम संस्कार कर चुकी है। इनमें दादरी के अलावा दूसरे जिलों से आए मरीज भी शामिल थे, जिनको बचाया नहीं जा सका।
कोरोना वॉरियर्स हैं नप कर्मचारी: डीसी
उपायुक्त राजेश जोगपाल ने कहा कि इस समय नगरपरिषद के कर्मचारी जो दायित्व निभा रहे हैं, उसके लिए उनकी जितनी सराहना की जाए, उतनी कम है। नगर परिषद कर्मचारी असल में कोरोना वारियर्स हैं। लोगों की सेवा में लगे इन कर्मचारियों की बदौलत संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। सभी लोगों को इन कर्मचारियों का धन्यवाद करना चाहिए।