चरखी दादरी। सरकार की ओर से नाबार्ड के माध्यम से शुरू की गई कृषि अवसंरचना कोष योजना से रोजगार के बेहतर साधन स्थापित किए जा सकते हैं। योजना के तहत संबंधित को अधिकतम सात साल तक के लिए दो करोड़ रुपये तक का लोन मिलता है, जिसमें दो सालों तक ऋण वापसी स्थगन अवधि भी शामिल है।
उपायुक्त मुनीश शर्मा ने बताया कि हरियाणा व केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश में कृषि अवसंरचना कोष योजना क्रियान्वित की जा रही है। इसके तहत विभिन्न प्रकार की परियोजनाओं के लिए अनुदान पर ऋण उपलब्ध करवाया जाता है। योजना के तहत कृषि से संबंधित चिह्नित कार्यों के लिए लोन उपलब्ध करवाया जाता है।
नाबार्ड के सहयोग से चलाई जा रही इस योजना के तहत अधिकतम 7 वर्षों तक किसान को लोन मिलता है, जिसमें 2 वर्षों तक ऋण वापसी स्थगन अवधि भी शामिल है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए एग्री इंफ्रा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर आवश्यक दस्तावेज की सूची भी उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि कृषि अवसंरचना कोष योजना के तहत कृषि उद्यमी, स्टार्ट-अप, स्वयं सहायता समूह, किसान उत्पादक संगठन, संयुक्त देयता समूह, प्राथमिक कृषि साख समितियां, विपणन सहकारी समितियां, बहुउद्देशीय सहकारी समितियां, कृषि उत्पाद विपणन समितियां और सहकारी संघ ऋण सुविधाएं प्राप्त कर सकते हैं।