चरखी दादरी। दादरी शहर में अपर्याप्त और दूषित पेयजल आपूर्ति लोगों के लिए परेशानी बनी है। दूसरी ओर जन स्वास्थ्य विभाग की कंडम पेयजल लाइनें बदलवाने और शहर की पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ाने की योजना अब तक कागजों तक सीमित है। शहर की 20 किलोमीटर लंबी कंडम पेयजल लाइन को बदलने के लिए अब तक सरकार ने जन स्वास्थ्य विभाग को बजट नहीं दिया है। फलस्वरूप पानी की बर्बादी के साथ घरों में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। इस समस्या से करीब 10 हजार लोग प्रभावित हैं।
विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि जून तक इस योजना के सिरे चढ़ने की उम्मीद है। बता दें कि पेयजल लाइनें कंडम होने की वजह से लोगों को पीने का शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। ये लाइनें 45 साल पुरानी हैं और इसके चलते इनकी मरम्मत भी संभव नहीं है। इन पाइप लाइनों की मियाद पूरी होने के चलते इन्हें बदलना ही एकमात्र विकल्प है। सीसीआई परिसर से गुजर रही लाइन भी डैमेज हो रही है जिससे कई कॉलोनियों में दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है। चंपापुरी जलघर से रोहतक फव्वारा चौक तक मेन लाइन में करीब 200 अवैध कनेक्शन होने की वजह से यह लाइन अब जवाब दे गई है। इससे पानी का प्रेशर नहीं बन पाता है और 60 प्रतिशत पानी ही अंतिम छोर तक पहुंच पाता है।
शहर मेंं करीब 45 साल पुरानी पेयजल लाइनें हैं। इन लाइनों की मियाद यानी समयावधि भी पूरी हो चुकी है। इससे शहर में पानी की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। शहर में पेयजल की गुणवत्ता भी लंबे समय से नहीं है। जिस समय शहर का जलघर बना था उस समय ये मेन लाइनें बिछाई गई थी। ये मेन लाइनें अब जवाब दे चुकी हैं। इनके साथ-साथ ही सीवर लाइनें भी बिछी हुई हैं और यह भी शहर में दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या का मुख्य कारण है।
- घरों में पहुंचता है सीवर मिक्स पानी
सीवर और पेयजल लाइनें साथ बिछी होने व कंडम होने के चलते कई क्षेत्रों के घरों में सीवर मिक्स पानी की आपूर्ति हो रही है। अब विभाग हर जगह लोहे की डीआई पाइप लाइनें बिछा रहा है। इन पाइप में जंग नहीं लगता और इनकी उम्र भी लंबी होती है।
- यहां डैमेज हो चुकी लाइनें
शहर में सीवर लाइनें पहले ही डैमेज हो चुकी हैं और अब यही हाल पेयजल लाइनों को हो चुका है। ये लाइनें जगह-जगह से खस्ता हो चुकी हैं। मेन जलघर से रोहतक रोड होते हुए फव्वारा चौक, तिकोना पार्क लाइन, चंपापुरी से गांधी नगर कॉलोनी, ढाणी ओवरब्रिज, लोहारू रोड, गोशाला रोड, घिकाड़ा रोड आदि क्षेत्रों में लाइनें डैमेज हो चुकी हैं।
- सीएम घोषणा के तहत बनाया गया प्रपोजल
जनस्वास्थ्य विभाग ने सीएम घोषणा के तहत प्रपोजल हेड ऑफिस स्वीकृति के लिए भेज रखा है। शहर के लिए अगले 50 वर्षों के लिए पेयजल प्लान तैयार करने की जरूरत है। लोग आए दिन विभाग को दूषित पेयजल आपूर्ति की शिकायतें दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि सप्लाई में आने वाले पानी का वो सीधे पीने में प्रयोग ही नहीं कर सकते।
नए वाटर टैंक बनवाने व लाइनें बिछाने के लिए फाइल मुख्य कार्यालय भेजी हुई है। खस्ता लाइनों को बदल दिया जाएगा। जून माह तक इस प्रोजेक्ट पर काम करने की योजना है। इस समस्या का स्थायी तौर पर समाधान हो जाएगा।
-जगदीशचंद्र, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग