राजकीय स्कूल झोझूकलां में डिप्टी डीईओ जलधीर सिंह छात्रों को स्कूल आने के लिए प्रेरित करते हुए।
चरखी दादरी। अब स्कूलों में विद्यार्थी के अनुपस्थित रहने पर शिक्षक को मोबाइल पर अभिभावकों से संपर्क करना होगा ताकि राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों की हाजिरी सुनिश्चित की जा सके। स्कूल प्रबंधन समिति की भी इसमें मदद ली जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस संदर्भ में सभी स्कूल मुखियाओं को निर्देश जारी कर दिए हैं। इससे विद्यार्थियों के स्कूल बंक करने पर अभिभावकों को तत्काल जानकारी मिल जाएगी।
राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों की सौ प्रतिशत उपस्थिति के लिए शिक्षा विभाग अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। पिछले दिनों शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों की करनाल में आयोजित राज्यस्तरीय मीटिंग में खराब परिणाम का एक प्रमुख कारण छात्रों का गैरहाजिर रहना भी रहा है। अब हाजिरी सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग अधिकारियों ने स्कूलों की विजिट शुरू कर दी है। अब तक जिले के 10 स्कूलों का निरीक्षण किया जा चुका है।
राजकीय स्कूलों के बोर्ड परिणाम को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने प्रयास तेज कर दिए हैं। 27 फरवरी से दसवीं व बारहवीं कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होनी हैं। शिक्षा विभाग समय-समय पर शिक्षकों को नई शिक्षण प्रविधियों का प्रशिक्षण भी देता है। स्कूली समय में भी पिछले कुछ साल से बढ़ोतरी की हुई है। इस समय स्कूलों में साढ़े छह घंटे कक्षाएं लगाए जाने के निर्देश हैं जबकि पहले छह घंटे ही कक्षाएं लगती थी।
- दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान
अब विभागीय अधिकारियों ने विद्यार्थियों की 100 प्रतिशत हाजिरी सुनिश्चित करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। इसके लिए स्कूलों का निरीक्षण शुरू किया गया है। निरीक्षण के दौरान स्कूल मुखिया को हिदायतें भी जारी की जा रही हैं। निर्देशों में कहा गया कि छात्र के गैरहाजिर रहने पर शिक्षक मोबाइल पर अभिभावकों से संपर्क करें। एसएमसी की मदद से भी छात्र संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जाए। अब तक शिक्षा विभाग के अधिकारी 10 स्कूलों की विजिट भी कर चुके हैं। परीक्षाएं नजदीक होने की वजह से इस पर विशेष ध्यान किया जाने लगा है। इस बार दसवीं की बोर्ड परीक्षा में 3455 और बारहवीं में 4039 विद्यार्थी बैठेंगे।
अब तक 10 स्कूलों का दौरा किया जा चुका है। स्कूलों मेंं छात्रों की 100 प्रतिशत हाजिरी सुनिश्चित करना जरूरी है। शिक्षक एसएमसी व अभिभावकों की मदद से इसे बढ़ाएं। इस बार जिले का परीक्षा परिणाम प्रदेश में अव्वल लाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षक भी मेहनत करें और छात्रों को अभिप्रेरित करते रहें।
-जलधीर सिंह कलकल, जिला शिक्षा परियोजना संयोजक, शिक्षा विभाग