चरखी दादरी। सिर में दो गोली लगने के बाद भी मानकावास निवासी हरविंद्र ने 20 घंटे तक मौत से जंग लड़ी। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे उसे शहर के एक निजी अस्पताल में मृत घोषित किया गया। इसके बाद पुलिस और परिजन पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल शव लेकर पहुंचे। वहां पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। इकलौते बेटे हरविंद्र की मौत की खबर सुनते पिता पारसराम फूट-फूटकर रो पड़ा।
पारसराम गांव में परचून की दुकान चलाता है जबकि बेटा हरविंद्र खेती के साथ उसका दुकान में भी हाथ बंटाता था। डीएसपी हेडक्वार्टर विरेंद्र सिंह ने बताया कि गांव में युवाओं के दो गुट बने हैं और उनमें मामूली कहासुनी हुई थी। पूर्व में हुई कहासुनी शुक्रवार को हत्या जैसी संगीन वारदात का कारण बन गई।
हरविंद्र शुक्रवार शाम भंडारे में शामिल होने के लिए गांव के कुबुलनाथ मंदिर में अपने साथी सचिन के साथ कार में सवार होकर पहुंचा था। वहां उसके कार से उतरते ही घात लगाए बैठे युवकों ने उस पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान हरविंद्र को तीन गोली लगी। एक गोली उसके सिर से पार हो गई जबकि दूसरी खोपड़ी में ही धंस गई। तीसरी गोली उसके पैर में लगी। गोली लगने से हरविंद्र लहूलुहान हालत में अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ा। उसे तत्काल उपचार के लिए दादरी लाया गया। सिविल अस्पताल से परिजन उसे एक निजी अस्पताल में ले गए। शनिवार दोपहर उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतक के पिता पारसराम के अनुसार हत्या को अंजाम देने वालों में गांव निवासी अंकित, अक्षय और अंकित बॉक्सर शामिल था।
- दो बार पहले मिली थी धमकी
मृतक हरविंद्र के पिता पारसराम ने बताया कि गांव के युवाओं के बीच हुई मामूली कहासुनी ने उसके घर का चिराग बुझा दिया। पारसराम के अनुसार हरविंद्र उसका इकलौता बेटा था जबकि उससे बड़ी बेटी ज्योति है। गांव के युवाओं का करीब छह माह पहले आपसी विवाद हुआ था और उसी विवाद के चलते पहले भी उसके बेटे हरविंद्र को दो बार फोन पर धमकी मिली थी।
- छह साल पहले बड़े बेटे की बीमारी से हो चुकी मौत
पारसराम के एक बड़े बेटे दीपक की छह साल पहले बीमारी से मौत हुई थी। इसके बाद हरविंद्र उसका इकलौता बेटा था। अब हरविंद्र की हत्या से परिवार पर एक बार फिर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
- रात से चार पुलिस टीमें दे रहीं दबिश
गांव मानकावास में फायरिंग के बाद से ही पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। हालांकि शनिवार शाम तक उनका भेद नहीं लग पाया। एसपी दीपक गहलावत ने इस मामले में सीआईए, स्पेशल स्टाफ, एवीटी और सदर थाने की टीमें गठित की हैं। इन टीमों को आरोपियों को दबोचने की जिम्मेदारी दी गई है।
गांव में युवाओं के दो गुट हैं। उनमें मामूली कहासुनी हुई थी जो इस वारदात का कारण बन गई। तीन नामजद और तीन अन्य के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस टीमें आरोपियों को पकड़ने के लिए शुक्रवार रात से ही संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
विरेंद्र सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर