चरखी दादरी। सुबह-शाम की सैर के लिए पार्क आना शहर के करीब पांच हजार लोगों की दिनचर्या है। लेकिन शहर के तीन पार्क रखरखाव के अभाव में बदहाल हैं। इन पार्कों के रखरखाव का अनुबंध खत्म हुए तीन माह हो चुके हैं, लेकिन अब तक नगर परिषद ने दोबारा से किसी एजेंसी से अनुबंध नहीं किया है। इन पार्कों में समस्याओं का अंबार लगा है और इसके चलते प्रतिदिन पार्क में आने वाले लोग परेशानी झेलने को विवश हैं।
दरअसल, शहर के रोज गार्डन, वार्ड-17 में बने स्वर्ण जयंती पार्क और प्रोफेसर कॉलोनी पार्क का रखरखाव पहले एजेंसी करती थी। एजेंसी का अनुबंध गत अक्तूबर में खत्म हो चुका है। इसके बाद तीन माह की लंबी समय अवधि बीतने के बाद भी दोबारा टेंडर प्रक्रिया अमल में नहीं लाई गई है। दूसरी ओर नगर परिषद के पास पहले ही सफाईकर्मी कम हैं और इसके चलते इन पार्कों की देखरेख सही ढंग से नहीं हो पा रही है।
संवाददाता ने शनिवार को शहर के तीनों मुख्य पार्कों को जायजा लिया तो बदहाल मिले। वहीं, पड़ताल करने पर सामने आया कि पार्कों की नियमित देखभाल के लिए कम से कम 12 कर्मचारी चाहिए, लेकिन सफाई के लिए केवल रोज गार्डन में ही कभी-कभार कर्मचारी भेजे जाते हैं। इसके अलावा घास काटने समेत अन्य दैनिक काम भी नहीं हो पा रहे हैं। इस संबंध में जब एमई मुकेश कुमार से बातचीत की गई तो उन्होंने जल्द ही पार्कों की दशा सुधारने का दावा किया।
- पार्कों के लिए दो टेंडर लगाने की तैयारी
नगर परिषद अधिकारियों का तर्क है कि पार्कों की दशा सुधारने के लिए दो टेंडर लगाने की तैयारी है। एक टेंडर मरम्मत कार्यों का लगाया जाएगा जिसके तहत पार्कों की सभी खामियां दूर करवाई जाएंगी। इनकी दशा सुधारने के बाद एजेंसी को हेंडओवर करने के लिए दूसरा टेंडर लगाया जाएगा। दोनों टेंडर पोर्टल के जरिये लगाए जाएंगे और यह प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने का प्रयास रहेगा।
जानिये...शहर के दोनों मुख्य पार्कों की क्या है दशा
- रोज गार्डन: शहर का रोज गार्डन सबसे मुख्य पार्क है। यहां प्रतिदिन चार हजार से अधिक लोग सुबह-शाम आते हैं। इस पार्क में अव्यवस्थाओं का आलम है। पार्क में फुटपाथ कंडम है जबकि पोल के स्विच टूटने से बिजली तार खुले पड़े हैं। इतना ही नहीं पार्क में झूले टूटे पड़े हैं जबकि फव्वारें भी नहीं चल रहे। इसके अलावा यहां बनाया गया तालाब दूषित पानी से भरा है जिससे माहौल दुर्गंधमय बना है। खुले बिजली तार हादसे का कारण बन सकते हैं।
- स्वर्ण जयंती पार्क: वार्ड-17 में करीब दो साल पहले एक करोड़ की लागत से पार्क का निर्माण कराया गया था। पार्क स्वर्ण जयंती योजना के तहत बनाया गया था, लेकिन यहां हालात काफी बदतर हैं। पार्क के अंदर और बाहर गंदगी का आलम है। यहां लाइटें बंद हैं जबकि बिजली बोर्ड टूटे हुए हैं। वॉशबेसिन व टॉयलेट सीट भी कंडम है जबकि एक भी डस्टबिन नहीं है। बदहाली का आलम ये है कि यहां शौचालय तक की सुविधा लोगों के लिए नहीं है।
लोग बोले: जल्द पार्कों की दशा सुधारे अधिकारी
- रोज गार्डन में सुबह-शाम काफी लोग आते हैं। शाम के समय यहां बच्चों की तादाद अधिक रहती है और खुले पड़े बिजली तारों से कोई भी हादसा हो सकता है।
दीवान सिंह, वार्ड-19
- स्वर्ण जयंती योजना के तहत हमारे वार्ड में बनाए गए पार्क के बाहर दूषित पानी भरा है जबकि अंदर भी बदहाली का मंजर है। नगर परिषद को पार्कों की दशा सुधारनी चाहिए।
मोहन सिंह, वार्ड-17
पहले पार्कों के रखरखाव का टेंडर मैन्युअली लगाया गया था लेकिन अब यह पोर्टल के जरिये लगाया जाएगा। जल्द से जल्द पहले पार्कों की दशा सुधारी जाएगी और फिर इन्हें एजेंसी को सुपुर्द किया जाएगा। पार्कों के हम जल्द ही दो टेंडर लगाएंगे।
-मुकेश कुमार, एमई, नगर परिषद