चरखी दादरी। जीएसटी लगाने के विरोध में आढ़तियों ने सरसों की खरीद बंद कर दी है। इससे पहले मंगलवार को आढ़ती एसोसिएशन ने मंडी परिसर में बैठक कर सरसों न खरीदने का फैसला लिया। इस कारण मंगलवार को 50,000 क्विंटल आवक होने के बाद भी सरसों नहीं खरीदी गई। हालांकि एजेंसी पहले खरीदी जा चुकी सरसों का उठान लगातार करवा रही है और मंगलवार को करीब 10,000 क्विंटल सरसों गोदाम में पहुंचाई गई। हालांकि दादरी मंडी में लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी गेहूं की खरीद की गई।
सरसों खरीद पर जीएसटी लगाने से खफा आढ़तियों ने मंगलवार को मंडी प्रधान रामकुमार रिटोलिया की अध्यक्षता में हैफेड अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने जीएसटी की शर्त हटने तक सरसों न खरीदने की बात कही। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। बैठक में विनोद गर्ग, अनिल बलकरा, वेदपाल, राधेश्याम हड़ोदिया, नरेश, वेदपाल चरखी, प्रतापचंद सांगवान, विनीत सांगवान, अजीत फौगाट, प्रवीण कुमार, अमित कुमार, संजय गर्ग, श्यामलाल डोहका आदि मंडी के आढ़ती मौजूद रहे।
वहीं, मंगलवार को दादरी मंडी में सरसों के 1,386 गेटपास काटे गए जबकि आवक 27,737 क्विंटल की हुई। हालांकि दादरी मंडी में सरसों की खरीद नहीं हुई। इसी प्रकार बाढड़ा मंडी में 756 गेटपास कटे और करीब 15,000 क्विंटल सरसों की आवक हुई। वहीं, झोझूकलां खरीद केंद्र पर 350 गेटपास कटे और 7,500 क्विंटल सरसों की आवक हुई।
- 2.30 लाख क्विंटल सरसों की खरीद अभी बाकी
जिले की मंडियों में कुल 5.77 लाख क्विंटल सरसों पहुंच चुकी है। इसमें से 3.56 लाख क्विंटल की खरीद और 1.92 लाख क्विंटल सरसों का उठान हुआ है। अभी 2.30 लाख क्विंटल सरसों की खरीद बाकी है जबकि पहले खरीदी जा चुकी सरसों में से 1.64 लाख क्विंटल का उठान होना है।
- गेहूं खरीद की ये है स्थिति
सोमवार को दादरी मंडी में 5,000 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई थी। मंगलवार को सभी केंद्रों पर गेहूं की आवक ने जोर पकड़ी। दादरी मंडी में मंगलवार को 109 गेटपास कटे और 4,900 क्विंटल गेहूं की आवक हुई। बौंदकलां में 29 गेटपास कटे और 1,187 क्विंटल गेहूं पहुंचा। छपार केंद्र पर 41 गेटपास कटे और 2,026 क्विंटल की आवक हुई। मंगलवार को करीब 7,100 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई।
जीएसटी की शर्त के विरोध में आढ़ती सरसों नहीं खरीद रहे। एजेंसी मंडियों से लगातार सरसों का उठान करवा रही है। - ईश्वर सिंह मोर, प्रबंधक, हैफेड।
जीएसटी हटने तक सरसों की सरकारी खरीद के बहिष्कार का फैसला लिया गया है। मांग पूरी होने तक सरसों की खरीद नहीं की जाएगी। सभी आढ़तियों ने सर्वसम्मति से ये निर्णय लिया है। - रामकुमार रिटोलिया, प्रधान, दादरी अनाज मंडी।