अमर उजाला एक्सकलूसिव:
- स्वास्थ्य विभाग की ओर से अपने स्तर और खर्च पर पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में कराए जाते हैं ऑपरेशन
- भैंगापन के 5 और मोतियाबिंद के चार ऑपरेशन लंबित
- मुख्यालय स्तर पर दोबारा एमओयू होने के बाद ही शुरू हो पाएंगे ऑपरेशन
चरखी दादरी। पैनल में शामिल निजी अस्पतालों से स्वास्थ्य विभाग का एमओयू यानी अनुबंध खत्म होने के चलते भैंगापन और मोतियाबिंद के ऑपरेशन लटक गए हैं।
खास बात यह है कि दादरी समेत तमाम जिलों का अनुबंध मुख्यालय स्तर पर एकसाथ किया गया था। हर जगह यह समस्या बनी हुई है। दादरी जिले की बात करें तो भैंगापन के 5 और मोतियाबिंद (आंख का कम खुलना) के 4 ऑपरेशन लंबित हैं।
दरअसल, भैंगापन और मोतियाबिंद की समस्या से ग्रस्त मरीजों का ऑपरेशन निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग अपने खर्च पर कराता है। मुख्यालय स्तर पर इसके लिए 16 अस्पतालों से अनुबंध किया गया था। यह अनुबंध करीब दो सप्ताह पहले खत्म हो चुका है।
ऐसे में स्वास्थ्य विभाग पैनल में शामिल अस्पतालों से ऑपरेशन नहीं करवा पा रहा है। समस्या का समाधान अनुबंध दोबारा होने पर होगा। इसके बाद ही इन मरीजों के ऑपरेशन की तारीख तय कर जानकारी दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भैंगापन के उपचार की सेवा शुरू करने के बाद दादरी स्वास्थ्य विभाग के पास 15 मरीज आए हैं। इनमें से दो मरीजों के ऑपरेशन कराए गए हैं। जबकि आठ बच्चों का चश्मे मुहैया करवाकर उपचार कराया गया है। वहीं, भैगापन की बीमारी से ग्रस्त पांच मरीजों के ऑपरेशन अभी लंबित हैं। अब ऑपरेशन एमओयू होने के बाद ही हो पाएंगे।
इसी प्रकार, मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने की सुविधा शुरू होने से लेकर अब तक जिला स्वास्थ्य विभाग के पास 7 मरीज पहुंचे हैं। इनमें से तीन के ऑपरेशन कराए जा चुके हैं। चार मरीजों के ऑपरेशन एमओयू के चलते लटक गए हैं।
- 11 से 20 हजार आता है खर्च
अगर कोई मरीज जिला स्वास्थ्य विभाग की बजाय सीधे निजी अस्पताल में जाकर भैंगापन का ऑपरेशन करवाता है तो करीब 11,000 रुपये खर्च आता है। वहीं, एक आंख में मोतियाबिंद की समस्या को लेकर ऑपरेशन कराने पर 20 हजार रुपये खर्च आता है। दोनों आंखों में खर्च 40,000 हो जाता है।
- इन शहरों के अस्पतालों के साथ था एमओयू
प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यालय स्तर पर ही सभी जिलों के लिए अनुबंध किया था। अनुबंध पैनल में शामिल 16 निजी अस्पतालों से किया गया था। ये अस्पताल मोहाली, जयपुर, फरीदाबाद, पानीपत, गुरुग्राम, भिवानी, पलवल, करनाल, सिरसा, अंबाला आदि शहरों समेत नई दिल्ली में स्थित हैं।
- ऑपरेशन की तारीख लेने के लिए मरीज काट रहे चक्कर
भैंगापन और मोतियाबिंद से ग्रस्त 9 मरीज दादरी स्वास्थ्य विभाग के पास उपचार कराने पहुंचे थे। इन सभी के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। वहीं, मरीज व उनके तीमारदार ऑपरेशन की तारीख कब तय होगी, यह जानने के लिए नागरिक अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं। हालांकि, जिला स्वास्थ्य विभाग के पास एमओयू होने तक उनके सवाल का कोई जवाब नहीं है।
वर्सन:
मुख्यालय स्तर पर एमओयू होना है। जल्द यह प्रक्रिया सिरे चढ़ जाएगी। इसके तुरंत बाद मरीजों के भैंगापन और मोतियाबिंद के ऑपरेशन करवा दिए जाएंगे। जिला स्वास्थ्य विभाग ने पहले भी मरीजों को इन बीमारियों से निजात दिलाने के लिए ऑपरेशन व उपचार सुविधा का लाभ दिया है।
-डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ, चरखी दादरी स्वास्थ्य विभाग
फोटो 01
नागरिक अस्पताल में नेत्र रोग की जांच कराते मरीज। संवाद
फोटो 02
भैंगापन रोग से ग्रस्त बच्चा। स्रोत : इंटरनेट