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Charkhi Dadri News: ढाई साल में रेफर किए गए 2,500 से अधिक दिव्यांग

Mon, 21 Oct 2024 05:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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चरखी दादरी के इसी नागरिक अस्पताल में चाहिए विशेषज्ञ। 
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चरखी दादरी। दादरी सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग ने दिव्यांगों के मेडिकल बोर्ड की सुविधा तो दी है, लेकिन इसमें कई विशेषज्ञ नहीं हैं। इस कारण विशेषज्ञों की राय लेने के लिए मरीजों को रेवाड़ी, भिवानी और रोहतक पीजीआई रेफर किया जा रहा है। मेडिकल बोर्ड गठन के बाद 2,500 से अधिक दिव्यांग रेफर किए जा चुके हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के दादरी नागरिक अस्पताल में दिव्यांगों के लिए बैठने वाले मेडिकल बोर्ड में करीब ढाई साल से अधिक समय बीतने के बाद भी सभी विशेषज्ञों की तैनाती नहीं हो पाई है। इसका खामियाजा दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने पहुंच रहे जिले के दिव्यांगों को भुगतना पड़ रहा है। विशेषज्ञ की राय लेने के लिए उन्हें भिवानी और रेवाड़ी नागरिक अस्पताल समेत रोहतक पीजीआई तक जाना पड़ रहा है।


दादरी नागरिक अस्पताल में पहले दिव्यांगों के लिए मेडिकल बोर्ड की सुविधा नहीं थी और इस कारण उन्हें दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए भिवानी जाना पड़ता था। दिव्यांगों की मांग पर सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने दादरी के जिला बनने के चार साल बाद दिव्यांग बोर्ड की सुविधा शुरू की थी लेकिन तब से ढाई साल का लंबा समय बीतने के बाद भी बोर्ड में सभी विशेषज्ञ शामिल नहीं हो पाए हैं।
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सिविल अस्पताल में दिव्यांग मेडिकल बोर्ड की सुविधा शुरू होने के बाद करीब 7,700 बोर्ड तक पहुंचे हैं और इनमें से करीब 2,500 को अन्य विशेषज्ञों की राय लेने के लिए दूसरे जिलों में स्थित अस्पतालों में भेजना पड़ा है। इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि कुछ विशेषज्ञों की तैनाती न होने से दिव्यांगों के साथ उनके तीमारदारों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


मेडिकल बोर्ड में चाहिए ये विशेषज्ञ
दिव्यांगों का मेडिकल करने के लिए हड्डी रोग, ईएनटी, चर्म रोग, गाइनी, बालरोग, नेफ्रो या न्यूरो सर्जन, फिजिशियन, सर्जन और मनोवैज्ञानिक आदि विशेषज्ञों की जरूरत होती है। दादरी जिले में फिजिशियन, सर्जन, न्यूरो या नेफ्रो सर्जन और मनोवैज्ञानिक की तैनाती नहीं है। इनकी राय लेने के लिए ही दिव्यांग दूसरे जिलों में जाने के लिए मजबूर हैं।
- अब सप्ताह में पांच दिन मिल रही बोर्ड की सुविधा
नागरिक अस्पताल के नए भवन में दिव्यांगों के मेडिकल करने के लिए बोर्ड का गठन किया गया है। पहले सप्ताह में एक दिन यह सुविधा थी, जिसे बाद में दो दिन और फिर पांच दिन किया गया। रोजाना प्रमाणपत्र बनवाने के लिए शिविर में करीब 100 से 120 दिव्यांग पहुंचते हैं। इनमें से करीब 40 से अधिक दिव्यांग रोजाना दूसरे जिलों में रेफर किए जाते हैं।

- दिव्यांग बोलें : नागरिक अस्पताल में ही की जाए व्यवस्था

नागरिक अस्पताल पहुंचे दिव्यांग नितेश, प्रमिला, दिनेश, मोहन और सुखबीर का कहना है कि जब बोर्ड को दादरी नागरिक अस्पताल में बैठाया गया है तो इसमें सभी विशेषज्ञ भी शामिल करने चाहिए। दिव्यांग और तीमारदार को दूसरे जिलों में जाकर विशेषज्ञ की राय लेने में बहुत परेशानी झेलनी पड़ती हैं। विभाग को यहां पर विशेषज्ञों की तैनाती जल्द करनी चाहिए।




कुछ विशेषज्ञों की कमी है। इस कारण मजबूरीवश दिव्यांगों को दूसरे जिले में रेफर करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों की मांग मुख्यालय से की जा चुकी है। तैनाती होने के बाद दिव्यांगों को दूसरे जिलों के अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। -डॉ. राजवीरेंद्र मलिक, कार्यवाहक सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग, चरखी दादरी।
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