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मॉलीकुलर लैब : बजट और मशीनें मिलीं, अब स्टाफ की तैनाती का इंतजार

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मॉलीकुलर लैब के लिए पहुंची मशीन दिखाते डिप्टी सीएमओ डॉक्टर गौरव भारद्वाज। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। कोरोना जांच के सैंपल जिले से बाहर भेजने के झंझट से जल्द छुटकारा मिलने वाला है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आशंकित तीसरी लहर से पहले जिले में मॉलीकुलर लैब स्थापित कर दी जाए। प्रदेश सरकार मशीनें भेजने के साथ लैब का ढांचा तैयार करने के लिए आठ लाख का बजट भी भेजी चुकी है। अब लैब के लिए स्टाफ की तैनात का इंतजार है। वहीं, पीडब्ल्यूडी की टेंडर प्रक्रिया पाइप लाइन में है और 11 अगस्त को टेंडर अलॉट होने की उम्मीद है।
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अक्तूबर में जिले में कोरोना जांच लैब खोलने की घोषणा डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने की थी। मई में स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए मांग सरकार को भेजी। इसके कुछ दिन बाद सरकार ने मॉलीकुलर लैब की स्वीकृति दी। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने एस्टीमेट तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को सौंपा था, जिसे सरकार के पास भेजा गया था। प्रदेश सरकार ने बजट राशि स्वास्थ्य विभाग को भेजी, जिसे पीडब्ल्यूडी को ट्रांसफर किया गया। पीडब्ल्यूडी ने इसके लिए टेंडर आमंत्रित किया था जो चार अगस्त को खुला है। इसमें एक ही एजेंसी ने आवेदन किया था, जिसके चलते टेंडर अलॉटमेंट की समयावधि एक सप्ताह बढ़ाई गई। अब 11 अगस्त को अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।
सिविल अस्पताल की मॉलीकुलर लैब में 24 घंटे के अंदर 500 सैंपलों की जांच की व्यवस्था होगी। इसके लिए स्टाफ की डिमांड विभाग सरकार के पास भेज चुका है। यहां आठ एलटी की तैनाती होगी और इस समय विभाग के पास चार एलटी हैं। ओवरऑल यहां करीब 30 कर्मचारियों की तैनाती होनी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार उच्चाधिकारियों से लगातार इस संदर्भ में संपर्क किया जा रहा है और जल्द ही स्टाफ की तैनाती होने की उम्मीद है।
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विभाग ले चुका दो लाख 20 हजार सैंपल
कोरोना की दो लहरों में स्वास्थ्य विभाग दो लाख 20 हजार सैंपल ले चुका है। इनमें से एक लाख 80 हजार से अधिक सैंपल जांच के लिए दूसरे जिलों की लैब में भेजे गए हैं। सैंपल लैब तक पहुंचाने के लिए विभाग की गाड़ियां एक लाख किलोमीटर से ज्यादा चल चुकी हैं।
लैब के लिए पहुंचे ये संसाधन
मॉलीकुलर जांच लैब के लिए एक सप्ताह में विभाग के पास कई संसाधन पहुंचे है। इनमें अलाइजा रीडर मशीन के अलावा माइनस 40 और 80 डिग्री टेंपरेचर क्षमता के दो बड़े डीप फ्रिजर भी आए हैं। इसके अलावा एक माइनस 80 डिग्री क्षमता का एक और डीप फ्रिजर विभाग के पास लैब के लिए है।
लैब के लिए ये चाहिए स्टाफ
पद का नाम संख्या
माइक्रोबायोलॉजिस्ट 3
लैब टेक्निशियन 8
रिसर्च साइंटिस्ट 2
मल्टीपर्पज स्टाफ 12
डाटा एंट्री ऑपरेटर-3
पुराने भवन के कमरा नंबर 25 में मॉलीकुलर लैब स्थापित की जानी है। बजट और मशीनें हमारे पास पहुंच चुकी हैं। अब स्टाफ की तैनाती का इंतजार है। काम शुरू करवाने के लिए बजट हम पीडब्ल्यूडी को ट्रांसफर कर चुके हैं।
डॉक्टर संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ
मॉलीकुलर लैब का टेंडर गत चार अगस्त को ओपन हुआ था, लेकिन एक ही एजेंसी ने आवेदन किया। इसके कारण एक सप्ताह समयावधि बढ़ाई गई है। जल्द ही अलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी कर हम धरातल पर काम शुरू करवा देंगे।
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सोमबीर दहिया, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
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