चरखी दादरी। विश्व पर्यावरण दिवस पर दादरी जनता महाविद्यालय में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में दादरी विधायक सुनील सांगवान ने मियावाकी पद्धति से जुड़ा किस्सा मुख्यमंत्री व मौजूद लोगों के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में वह सुनारिया जेल के अधीक्षक थे। उस दौरान जब जेल परिसर में मियावाकी पद्धति से वन क्षेत्र तैयार करने की योजना तैयार की गई तो वन विभाग खिलाफ था।
विधायक सुनील सांगवान ने कहा कि मुख्यमंत्री जी, आपको बता दूं कि सुनारिया जेल प्रदेश की पहली ऐसी साइट है, जहां मियावाकी पद्धति कामयाब रही थी। अगर वन विभाग के किसी अधिकारी को शक है तो वह जेल का दौरा कर इसे दूर कर सकता है। विधायक ने कहा कि मियावाकी जापान की पौधरोपण पद्धति है। इससे कम जगह पर ज्यादा ऑक्सीजन देने वाले पेड़ तैयार होते हैं। जेल परिसर के अंदर 2000 गज जगह में 5,000 पौधे लगाए गए थे। अब वहां घना वन क्षेत्र तैयार है।
पेड़ बाबा को बुलाया या नहीं...मुझे नहीं जानकारी : विधायक सुनील सांगवान ने संबोधन के दौरान पेड़ बाबा के नाम से प्रसिद्ध सत्यदेव सांगवान का नाम भी लिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी, दादरी निवासी सत्यदेव सांगवान अपने जीवन काल में करीब 20,000 पौधे लगाकर उन्हें पेड़ का रूप दे चुके हैं। मुझे नहीं पता कि वन विभाग की ओर से आज के कार्यक्रम में सत्यदेव सांगवान को बुलाया गया है या नहीं। अगर नहीं बुलाया गया है तो बता दूं कि वह आज इस कार्यक्रम में जरूर आमंत्रित किए जाने चाहिए थे।