चरखी दादरी जिले के मिर्च गांव में किसानों से बातचीत करते कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा।
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प्रदेश में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों की सुविधा के लिए मंडियों में एक अलग स्थान निर्धारित करने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है, ताकि दूसरे किसानों को भी प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित किया जा सके। जब तक प्राकृतिक खेती की समस्याओं को दूर नहीं किया जाएगी, जब तक इसे आगे बढ़ाने में दिक्कतें सामने आएंगी। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने जिला के मिर्च गांव में प्राकृतिक खेती केंद्र का दौरा करते हुए यह बात कही।
वो किसानों से भी मुखातिब हुए। कृषि मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती समय की मांग है। ऐसे खेती के केंद्र अपने आप में अस्पताल हैं जहां किसी भी बीमारी का इलाज संभव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं ताकि शरीर के लिए खतरनाक खादों व किटनाशकों से पीछा छूट सके।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती करने वालों की कोई कमी नहीं है लेकिन इसकी शुरूआत में कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में सरकार का प्रयास है कि प्राकृतिक खेती और इसको करने वाले किसानों की समस्याओं का समधान हो ताकि दूसरे किसान भी प्राकृतिक खेती की ओर आएं। इसी कड़ी में सरकार संभावनाएं तलाश रही है कि कैसे मंडियों में एक अलग स्थान निर्धारित कर दिया जाए। जहां पर केवल प्राकृतिक - उत्पादों पर ही काम हो। साथ ही मंडियों में एक लैब भी स्थापित कर दी जाए ताकि उत्पादों को पहले जांचा जा सके। - गोशाला का भी किया दौरा
कृषि मंत्री ने इससे पहले घिकाड़ा में गोशाला का भी दौरा किया। इसके अलावा वो दादरी अनाज मंडी में व्यवस्थाओं का जायजा लने पहुंचे। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष डाॅ. किरण कलकल, पूर्व जिला अध्यक्ष रामकिशन शर्मा व सतेंद्र परमार, डाॅ. संजीव मंडिया, ओमबीर महराण, रवि गर्ग, पशुपालन विभाग के उप निदेशक डाॅ. जसवंत जून, उप निदेशक कृषि डाॅ. जितेन्द्र, डीएचओ डाॅ. अरुण आदि मौजूद रहे।