चरखी दादरी। लघु सचिवालय में वीरवार को आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक में अवैध माइनिंग और ओवरलोडिंग का मुद्दा उठा था। ये मुद्दा उठाने वाले अधिवक्ता संजीव तक्षक से श्रम एवं रोजगार मंत्री अनूप धानक ने शपथपत्र मांगा था। उनके कहे अनुसार शिकायतकर्ता संजीव तक्षक व करीब 10 अन्य लोगों ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में सांसद धर्मबीर सिंह और उपायुक्त मनदीप कौर को शपथपत्र सौंपे और अवैध माइनिंग व मंथली सेट होने के आरोप की जांच करवाने की मांग की।
बता दें कि वीरवार को कष्ट निवारण समिति की बैठक में अधिवक्ता संजीव तक्षक ने भ्रष्टाचार व अरावली की पहाड़ियों में अवैध माइनिंग की शिकायत की थी। श्रम एवं रोजगार मंत्री अनूप धानक ने शिकायतकर्ताओं से सबूत पेश करने या फिर शपथपत्र देने की बात कही थी। हालांकि शिकायतकर्ता ने मौके पर ही शपथपत्र देने की हामी भर दी थी, लेकिन राज्यमंत्री ने इस शिकायत को बेबुनियाद बताया था।
ये मामला सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा का विषय बना। अधिवक्ता संजीव तक्षक ने बताया कि लोगों ने उन्हें प्रशासन को सरकार के नाम शपथपत्र देने का न केवल सुझाव दिया बल्कि शपथपत्र देने के लिए आगे भी आए। शुक्रवार को अधिवक्ता संजीव तक्षक समेत अन्य लोग लघु सचिवालय पहुंचे और सभागार में बैठक लेने पहुंचे सांसद धर्मबीर सिंह से मुलाकात की। उन्होंने डीसी मनदीप कौर से भी अपने शपथपत्र सौंपकर अवैध माइनिंग और अधिकारियों की मंथली सेट होने के मामले की जांच करवाने की मांग की।
- शपथपत्र में लिखा ये
संजीव तक्षक समेत अन्य ने शपथपत्र में बताया कि जिले की खानों में अवैध माइनिंग की जा रही है। लेवल से काफी नीचे तक खुदाई की जा रही है और जल दोहन से इन भागों में जमीनी पानी भी खारा होने लगा है। शपथपत्र में संजीव तक्षक का आरोप है कि इस मामले में अधिकारी मंथली ले रहे हैं और ई-रवाना का फर्जीवाड़ा चल रहा है। लंबी दूरी के एक ई-रवाना पर भारी वाहन कई चक्कर लगाते हैं। इतना ही नहीं जिले में ओवरलोडिंग का खेल भी लंबे समय से जारी है। इसमें भी मंथली वसूली जा रही है।
- इन्होंने भी सौंपे शपथपत्र
इसी प्रकार शिकायतकर्ता विकास कमोद, शीतल रानीला, प्रदीप कालीरमन, प्रशांत दादरी, नरेश कुमार, अजीत, सज्जन, संजय रानीला, सुरेश व प्रवीन भागवी ने भी शपथपत्र देकर इस सारे प्रकरण की डीसी व सीएम से जांच करवाए जाने की मांग की है।