- मानकावास खनन क्षेत्र में वन संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की विभाग को मिली थी शिकायत, एसडीएम और डीएफओ की जांच में सही मिले आरोप
- नुकसान की भरपाई के लिए भेजे गए नोटिस को भी एजेंसी ने गंभीरता से नहीं लिया
जगदीप सिंह
चरखी दादरी। गांव मानकावास स्थित माइनिंग क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर खनन कंपनी ने बगैर अनुमति पौधे उखाड़ दिए। इस पर संज्ञान लेकर वन विभाग ने एफओआर दर्ज करने के साथ ही कोर्ट का भी सहारा लिया है। वहीं, एफओआर दर्ज करने से पहले एसडीएम और जिला वन अधिकारी की ओर से मामले की गहनता से जांच की गई।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, माइनिंग क्षेत्र में पोल साइज के 1293 पौधे नष्ट किए गए। इतना ही नहीं, एजेंसी को दो बार नोटिस भेजने के बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि केडन माइनिंग कंपनी के खिलाफ वन विभाग को शिकायत मिली थी। इसमें वन संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया था।
इसके बाद जिला वन विभाग के अधिकारियों ने कई बार मौका मुआयना किया। वहीं, दादरी एसडीएम और जिला वन अधिकारी को मामले की निष्पक्ष जांच करवाने के आदेश भी दिए गए। जांच में पाया गया कि एजेंसी ने खनन लाभ उठाने के लिए वन संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है।
इतना ही नहीं, जांच में सामने आया कि एजेंसी ने क्षेत्र में लगभग 1293 पोल साइज के पौधे उखाड़े। जांच के मध्य वन विभाग ने एजेंसी संचालकों को नियमानुसार भरपाई करने के लिए दो बार नोटिस भेजे, लेकिन एक बार भी नोटिस का जवाब नहींं दिया गया। इसके बाद वन विभाग की ओर से संबंधित एजेंसी के खिलाफ एफओआर यानी वन आपराधिक मामला दर्ज किया गया। संवाद
- वर्ष 2019 से लगातार मिल रही थीं शिकायतें
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि माइनिंग क्षेत्र में पौधों को नुकसान पहुंचाने की शिकायतें वर्ष 2019 से मिल रही थीं। वन विभाग के अधिकारियों ने कई बार एजेंसी को पौधों को नुकसान न पहुंचाने के निर्देश भी दिए, लेकिन इन पर अमल नहीं हुआ।
- वर्ष 2024 में भेजे गए थे दो नोटिस
वन विभाग ने वन क्षेत्र में पौधों को पहुंचाए गए नुकसान की भरपाई के लिए वन नियम के अनुसार वर्ष 2024 में दो बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन संबंधित एजेंसी की ओर से समय रहते कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद दादरी एसडीएम और जिला वन अधिकारी की जांच रिपोर्ट को आधार बना एफओआर दर्ज करवाई गई।
वर्सन:
जिले में वन क्षेत्र में नुकसान पहुंचाने वाले लोगों पर वन विभाग नियमानुसार कार्रवाई कर रहा है। इसके तहत कोई भी व्यक्ति वन क्षेत्र में पौधों को नुकसान नहीं पहुंचा सकता। मानकावास जोन में पौधे नष्ट करने पर माइनिंग कंपनी के खिलाफ एफओआर दर्ज कराई गई है।
-हेमंत पारिक, रेंज अधिकारी, वन विभाग