आर्य प्रतिनिधि सभा की ओर से आयोजित यज्ञ यात्रा में शामिल लोग।
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झोझू कलां। आर्य प्रतिनिधि सभा की ओर से निकाली जा रही वेद प्रचार, नशामुक्ति एवं पर्यावरण शुद्धि यज्ञ यात्रा सोमवार को गांव रुदड़ोल में पहुंची। इस दौरान जसविंद्र आर्य ने विद्यार्थियों को वेदों की महिमा और महापुरुषों के बलिदान की गाथा सुनाई। भजनों के माध्यम से युवाओं को नशे की गर्त से निकलकर उत्तम चरित्र अपनाने की प्रेरणा दी।
स्वामी सच्चिदानंद ने कहा कि केवल डिग्री हासिल करना शिक्षा नहीं है, बल्कि श्रेष्ठ चरित्र का निर्माण ही वास्तविक ज्ञान है। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के भारत के निर्माता हैं। यदि युवा अनुशासित और व्यसन मुक्त होगा, तभी देश विश्व गुरु बन पाएगा।
यात्रा के दौरान कई राजकीय विद्यालयों में छात्रों नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। ग्रामीणों ने यज्ञ कुंड में आहुति डालकर प्राकृतिक कृषि और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
इस अवसर पर कमल सिंह आर्य, करतार सिंह, भूपेंद्र आर्य, जयवीर आर्य, रामकुमार आर्य, देवदत्त आर्य, छत्तर सिंह आर्य आदि मौजूद रहे।
यात्रा के संयोजक मंडल ने बताया कि समाज को जगाने वाली इस विशाल यात्रा का भव्य समापन 15 फरवरी, रविवार को आर्यसमाज वेद मंदिर, पांडवान में होगा। जहां 100 कुंडीय श्रद्धांजलि यज्ञ में हजारों लोग आहुति डालकर इस महाभियान की पूर्णाहुति करेंगे।