चरखी दादरी। दवाएं लेने के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले मरीजों को अब बाहर मेडिकल स्टोर पर जाकर जेब ढीली नहीं करनी पड़ेगी। इसके लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने दवाओं की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है। 35 लाख के बजट से दवाएं खरीदने की योजना है और 34 दवाएं खरीदने के आदेश दिए जा चुके हैं। इनमें पांच जीवनदायिनी दवाएं भी शामिल हैं। सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की कमी दूर होने से रोजाना करीब 2,000 मरीजों को राहत मिलेगी।
सिविल अस्पताल समेत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और उप स्वास्थ्य केंद्रों पर लंबे समय से दवाओं की कमी थी। इस कारण मरीजों को सस्ते उपचार के नाम पर केवल परामर्श मिल रहा था जबकि उन्हें बाहर मेडिकल स्टोर से दवाओं की खरीद करनी पड़ रही थी। खासकर गरीब तबके के लोगों पर इसकी मार पड़ रही थी। मरीजों की परेशानियों पर संज्ञान लेकर स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय ने जिला स्तर पर दवाओं की खरीद के लिए बजट जारी किया।
जिले में सिविल अस्पताल के अलावा मातृ-शिशु अस्पताल, तीन सीएचसी और 12 पीएचसी हैं। इन सभी अस्पतालों की दैनिक ओपीडी 2,200 से अधिक रहती है। दवाओं की कमी दूर होने पर इन मरीजों को काफी राहत मिलेगी। दादरी जिले को दवाओं की खरीद के लिए 80 लाख रुपये का बजट मिला था। करीब 45 लाख रुपये का बिल बकाया होने के कारण एजेंसी दवाओं की आपूर्ति में भी आनाकानी कर रही थी। इस कारण विभाग ने बकाया भुगतान के साथ 35 लाख रुपये की दवाएं खरीदने की योजना बनाई है। इसे पूरा करवाने के लिए 34 दवाओं की खरीद का आदेश दिया गया है। जल्द ही ये दवाएं जिला स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंच जाएंगी।
- सिविल अस्पताल में 367 प्रकार की दवाएं उपलब्ध
सिविल अस्पताल में 512 प्रकार की दवाओं की उपलब्धता का प्रावधान है। इसके सापेक्ष यहां सिर्फ 367 प्रकार की दवाएं ही उपलब्ध हैं। पांच जीवनदायिनी समेत 34 दवाओं के आदेश दिए जा चुके हैं। ये दवाएं स्टॉक में जल्द पहुंचने की उम्मीद है। यह दवाएं मिलने पर सिविल अस्पताल में दवाओं की संख्या 401 हो जाएगी। हालांकि 34 दवाओं के अलावा अन्य दवाओं की खरीद भी 35 लाख रुपये के बजट से ही होनी है।
- एक माह तक चलेगी खरीद प्रक्रिया
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक दवाओं की खरीद के लिए आवश्यक मापदंड पूरे कराए जा रहे हैं। करीब एक माह तक दवा खरीद प्रक्रिया चलेगी और इसके बाद स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की कमी नहीं रहेगी। अभी स्टॉक पूरा कर व्यवस्था सुधारने के लिए 21 लाख रुपये की दवाएं खरीदने की जरूरत है, लेकिन विभाग का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा दवाएं खरीदी जाएं ताकि मरीजों को परेशानी न झेलनी पड़े।
कुल 35 लाख रुपये से दवाएं खरीदी जाएंगी। 34 प्रकार की दवाओं की खरीद के लिए आदेश दिया गया है। किसी भी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की कमी नहीं रहने दी जाएगी। दवाओं का बकाया भुगतान भी विभाग कर देगा। - डॉ. गौरव भारद्वाज, कार्यवाहक सीएमओ, चरखी दादरी।