लिफ्ट ठीक होने के बाद दूसरी मंजिल पर जाती महिला मरीज।
चरखी दादरी। लंबे इंतजार के बाद शहर के एमसीएच यानी मातृ-शिशु अस्पताल की खराब लिफ्ट ठीक हो गई है। इससे अब मरीजों को काफी राहत मिली है। चार माह में लिफ्ट खराब होने और इसे ठीक न कराने की समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था।
जानकारी के अनुसार, मातृ-शिशु अस्पताल में पांच माह पहले करीब 11 लाख की लागत से लिफ्ट लगाई गई थी। अक्तूबर के पहले सप्ताह में हुई बारिश का पानी लिफ्ट के नीचे भर गया, जिसके चलते इसमें खराबी आ गई और इससे लिफ्ट बंद हो गई। कई दिनों तक स्वास्थ्य विभाग और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने खराब हुई लिफ्ट की सुध नहीं ली और इसके चलते मरीजों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ा। अधिकारियों के उदासीन रवैये को देखते हुए अमर उजाला ने 26 अक्तूबर के अंक में यह मुद्दा उठाते हुए 4 माह पहले लगी लिफ्ट खराब, गर्भवती महिलाएं और बुजुर्ग चढ़ रहे सीढ़ी...नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की। उस दौरान अधिकारियों ने एक सप्ताह के अंदर लिफ्ट चालू कराने का दम भरा। 6 नवंबर तक भी लिफ्ट ठीक न होने पर अमर उजाला ने 7 नवंबर के अंक में सीढ़ी चढ़ने पर मरीजों की फूल रहीं सांसें, लिफ्ट है की चलती नहीं...नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित कर दोबारा इस मुद्दे को उठाया। दो बार खबर छपने के बाद पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने एजेंसी की मार्फत लिफ्ट को ठीक कराया और अब इसे मरीजों के लिए चालू कर दिया गया है।
200 रहती है दैनिक ओपीडी
मातृ-शिशु अस्पताल शहर के बीचोंबीच स्थित है। यहां की दैनिक ओपीडी 200 के पार रहती है। अब तक यहां मरीजों के लिए लिफ्ट सुविधा नहीं थी जिसके चलते उन्हें रैंप या सीढ़ी चढ़कर पहली या दूसरी मंजिल पर जाना पड़ता है। मरीजों के लिए यह करना आसान नहीं है। मरीजों की इस समस्या को देखते हुए विभाग ने अब लिफ्ट लगवाई है।
दादरी मातृ-शिशु अस्पताल की लिफ्ट चालू करवा दी है। अब मरीजों को पहली और दूसरी मंजिल पर पहुंचने के लिए सीढ़ी नहीं चढ़ना पड़ेगा।
- अनूप सिंह, जेई, पीडब्ल्यूडी (इलेक्ट्रीशियन शाखा)