चरखी दादरी। भारतीय सेना के जवान एवं गांव कासनी निवासी रवि प्रकाश सांगवान का पार्थिव शरीर वीरवार को उनके पैतृक गांव पहुंचा। तिरंगे में लिपटे वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण मुख्य सड़क पर उमड़ पड़े। पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। युवाओं और ग्रामीणों ने बाइक काफिले के साथ अंतिम यात्रा निकाली और पूरा गांव ‘अमर शहीद रवि प्रकाश सांगवान अमर रहे’ के नारों से गूंज उठा।
राजकीय एवं सैन्य सम्मान के साथ रवि प्रकाश का अंतिम संस्कार किया गया। आठ वर्षीय बेटे देव सांगवान ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। ग्रामीणों ने पार्थिव शरीर पर पुष्पवर्षा कर अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।
अंतिम संस्कार में दादरी विधायक सुनील सांगवान, नायब तहसीलदार साहिल दलाल, भाजपा जिलाध्यक्ष राष्ट्रदीप परमार, प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई।
शहीद के पिता कृष्ण सांगवान ने बेटे की शहादत पर गर्व जताते हुए कहा कि रवि प्रकाश ने देश सेवा का अपना संकल्प पूरा किया। उन्होंने बताया कि रवि प्रकाश बॉक्सिंग में पांच बार स्वर्ण पदक जीत चुके थे और ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उन्हें हवलदार के पद पर पदोन्नति मिलनी थी। उन्होंने कहा कि अब उनका संकल्प पोते देव को भी सेना में भेजकर देश सेवा के लिए तैयार करना है।
विधायक सुनील सांगवान ने कहा कि शहीद किसी एक गांव, क्षेत्र, गोत्र या धर्म तक सीमित नहीं होते बल्कि पूरे देश का गौरव होते हैं। रवि प्रकाश ने राष्ट्र सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया है। दुख की इस घड़ी में सरकार और समाज शहीद परिवार के साथ खड़ा है तथा उन्हें हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
ट्रेनिंग के दौरान अचानक बिगड़ी थी तबीयत
रवि प्रकाश सांगवान वर्ष 2015 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। वह राष्ट्रीय राइफल्स की 54वीं बटालियन में कश्मीर में तैनात थे और इन दिनों पदोन्नति कोर्स के लिए बंगलूरू में प्रशिक्षण ले रहे थे। गत मंगलवार को फिजिकल एक्टिविटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। आवश्यक सैन्य प्रक्रिया पूरी होने के बाद वीरवार को उनका पार्थिव शरीर गांव कासनी लाया गया।
आखिरी वीडियो कॉल में परिवार से किया था वादा
परिजनों के अनुसार सोमवार रात रवि प्रकाश ने वीडियो कॉल के माध्यम से पत्नी सुनीता और बेटे देव से बातचीत की थी। उन्होंने कहा था कि ट्रेनिंग पूरी कर वह हवलदार बनकर घर लौटेंगे। परिवार को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी अंतिम बातचीत साबित होगी। रवि प्रकाश अपने पीछे पत्नी सुनीता, बेटे देव, मां नीलम और पिता कृष्ण सांगवान को छोड़ गए हैं। उनके बड़े भाई दिनेश खेती करते हैं, जबकि बहन प्रीति विवाहित हैं।