चरखी दादरी। शहर के वार्ड-4 में समस्याओं का अंबार लगा है और लोग बेहद परेशान हैं। अहम बात ये है कि ये वार्ड नगर परिषद उपप्रधान संदीप फौगाट का है और पार्षद का चुनाव जीते थे। वार्डवासियों का आरोप है कि वो लंबे समय से समस्याओं का दंश झेल रहे हैं। वार्ड पार्षद और संबंधित विभाग के अधिकारियों के समक्ष वो अपनी परेशानियां रख चुके हैं। इसके बावजूद नतीजा सिफर है। जनप्रतिनिधि और अधिकारियों के उदासीन रवैये से वार्डवासियों में गुस्सा है।
लोगों का आरोप है कि वार्ड-4 में सीवर व्यवस्था ठप है। मुख्य सड़क भी जर्जर है। लोगों का कहना है कि वार्ड की मुख्य कॉलोनी में रहने वाले लोग स्वयं के खर्च पर सीवर और पेयजल लाइन डलवाने के लिए मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वार्ड के पार्षद से संपर्क करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से वार्ड में बनी समस्याओं का जल्द समाधान करवाने की मांग की है, ताकि कच्ची गलियों में जलभराव की समस्या से निजात मिल सके।
करीब 6,000 की आबादी वाले वार्ड चार में समस्याओं का समाधान न होने से लोग परेशानियों से जूझ रहे हैं। नगर परिषद की कार्यकारिणी के पिछले 19 माह के कार्यकाल में धरातल पर नाममात्र विकास कार्य ही हो पाए हैं। वार्ड में कुछ गलियां कच्ची हैं तो कुछ में सीवर चोक हैं और दूषित पानी सड़कों पर भरा है।
वार्ड की विद्या विहार कॉलोनी के लोगों का कहना है कि मकानों का नक्शा पास करवाने और नियमित टैक्स भरने के बावजूद कॉलोनी की सात गलियां अभी कच्ची हैं। वहां सीवर और पेयजल लाइन नहीं डल पाई है। वार्डवासियों का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर उन्होंने स्वयं सवा लाख रुपये खर्च कर घर तक सीवर और पेयजल लाइन बिछवाई है। दयानंद और प्रोफेसर कॉलोनी के लोग भी मूलभूत सुविधाओं की कमी का दंश झेल रहे हैं।
लोगों की परेशानी, उन्हीं की जुबानी
हमने विद्या विहार कॉलोनी में मकान बनाया है। हमारी गली में कच्ची सड़क है जबकि सीवर और पेयजल लाइन भी नहीं डल पाई है। स्वयं 1.25 लाख रुपये खर्च करके अपने घर तक सीवर और पेयजल लाइन डलवा रखी है। - पवन कुमार, विद्या विहार कॉलोनी।
वार्ड में सीवर मैनहोल खुले हैं। दूषित पानी घरों के सामने भरा रहता है। गलियों से गुजरना राहगीरों के लिए आसान नहीं है। लंबे समय से वार्डवासी सीवर की समस्या का दंश झेल रहे हैं। बताने के बावजूद समस्या नहीं सुलझी। - मो. शरीफ, प्रोफेसर कॉलोनी।
दयानंद कॉलोनी की मुख्य सड़क ही जर्जर है और इस पर जलभराव हो रहा है। सड़क पर बने गड्ढों में आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल हो रहे हैं, लेकिन दो साल बाद भी सड़क निर्माण का कार्य नहीं हो पाया है। -विजय कुमार, दयानंद कॉलोनी।
दयानंद कॉलोनी की 900 मीटर लंबी मुख्य सड़क जर्जर है। सड़क के बीच करीब 15 गड्ढे बने हैं। गली में तीन स्ट्रीट लाइटें भी दो सप्ताह से बंद हैं। गली निर्माण का आगणन दो बार तैयार किया गया, लेकिन निर्माण नहीं हुआ है। - ईश्वर शर्मा, दयानंद कॉलोनी।
वार्ड में अभी मरम्मत कार्य हुए हैं। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने से वार्ड का विकास रफ्तार पकड़ेगा। अन्य समस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत हूं और जल्द ही वार्डवासियों की सभी समस्याओं का समाधान करवा दिया जाएगा। - संदीप फौगाट, वार्ड-4 पार्षद एवं नगर परिषद उपप्रधान, चरखी दादरी।