चरखी दादरी। अनाज मंडी में फसलों की आवक बढ़ने के साथ ही किसानों और आढ़तियों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं। मंडी की नीची चहारदीवारी और पर्याप्त चौकीदारों की कमी के कारण सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ रही है।
इससे रात के समय चोरी और बेसहारा पशुओं द्वारा फसल को नुकसान पहुंचाने का खतरा बना रहता है। किसानों और आढ़तियों ने मंडी प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है जिस पर सचिव ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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मंडी में इन दिनों बाजरा और कपास सहित अन्य फसलों की आवक हो रही है। किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें अपनी फसल की सुरक्षा की चिंता सता रही है। कई बार फसल की ढेरियां खुले में रखनी पड़ती हैं।
आढ़तियों का कहना है कि चहारदीवारी इतनी नीची है कि कोई भी व्यक्ति आसानी से अंदर आ सकता है। रात में चौकीदारों की कमी से चोरी की आशंका बढ़ जाती है।
बेसहारा पशुओं के झुंड भी आसानी से मंडी परिसर में घुस जाते हैं। ये पशु खुले में पड़ी फसल को नुकसान पहुंचाते हैं और ढेरियों को बिखेर देते हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों को बारिश और अन्य नुकसान के साथ-साथ पशुओं से भी फसल की रखवाली करनी पड़ती है। रात में पशुओं को बाहर निकालने के लिए उन्हें मशक्कत करनी पड़ती है।