न्यायालयों में लंबित मामलों को परस्पर सहयोग व सौहार्दपूर्ण माध्यम से निपटाने के लिए राष्ट्रीय लोक अदालतें काफी कारगर साबित हो रही हैं। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से एक वर्ष में चार राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है।
जिले में भी इस वर्ष जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन नरेश कुमार के मार्गदर्शन में तीन राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन हो चुका है और चौथी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन आगामी 13 दिसंबर को किया जाएगा। जिला में इस वर्ष हुई तीन राष्ट्रीय लोक अदालतों में 24 हजार 979 मामलों का निपटारा हो चुका है। इनमें 11 करोड़ 65 लाख 85 हजार 888 रुपये की राशि अवॉर्ड के रूप में पास की जा चुकी है। तीन लोक अदालतों में इतनी संख्या में मामलों का निपटारा होने से न्यायालयों पर भी दबाव कम हुआ है। वहीं लोगों को भी जल्दी न्याय मिला है।
== प्राप्त जानकारी के अनुसार दादरी जिला में इस वर्ष आयोजित हो चुकी तीन लोक अदालतों में 32,852 मामले रखे गए थे। इनमें से 24,979 मामलों का निपटारा कर दिया गया।
बता दें कि राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक लोन से संबंधित मामले, मोटर एक्सीडेंट, एनआई एक्ट, फौजदारी, रेवेन्यू, वैवाहिक विवाद आदि से संबंधित मामलों का निपटारा किया जाता है। यदि किसी व्यक्ति का कोई मामला न्यायालय में लंबित है तो वह राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से उसका निस्तारण करा सकता है। लोक अदालत में दोनों पक्षों की आपसी सहमति व राजीनामे से सौहार्दपूर्ण वातावरण में पक्षकारों की रजामंदी से विवाद निपटाया जाता है। इससे शीघ्र व सुलभ न्याय, कहीं कोई अपील नहीं, अंतिम रूप से निपटारा, समय की बचत जैसे लाभ मिलते हैं।
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लोक अदालत का उद्देश्य मामलों का निपटारा लोगों की आपसी सहमति से करना है। इसलिए समय-समय पर प्राधिकरण की ओर से लोक अदालत का आयोजन किया जाता है। ताकि लोग अपने केसों का निपटारा सहमति से करवा सकें व आपसी भाईचारा भी बना रहे।
संजीव काजला, सीजेएम एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण।