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Charkhi Dadri News: 52 साल बाद लोहारू कैनाल का होगा जीर्णोद्धार

Fri, 17 Mar 2023 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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चरखी दादरी। लोहारू नहर का 52 साल बाद आधुनिकीकरण होगा। इस कार्य के लिए सरकार एशियन डेवलपमेंट बैंक से सहयोग लेगी। इसी कड़ी में वीरवार को बैंक के प्रमुख अधिकारियों और सिंचाई विशेषज्ञों ने लोहारू फीडर और लोहारू कैनाल का निरीक्षण किया और किसानों से भी बातचीत की।
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दादरी जिला में वर्ष 1971 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने लोहारू कैनाल का शुभारंभ किया था। उस समय यहां घिकाड़ा पंप हाउस के समीप पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय चौधरी बंसीलाल ने एक रैली का भी आयोजन करवाया था। दक्षिण हरियाणा के किसानों के लिए यह नहर किसी जीवनदायिनी रेखा से कम नहीं थी। इसी पर पंप हाउसों का निर्माण कर पानी को लिफ्टिंग सिस्टम के जरिये लोहारू के खेतों तक पहुंचाया गया। अब हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण ने लोहारू कैनाल व फीडर का नवीनीकरण करवाने का निर्णय लिया है।
इसके लिए पंचकूला के रेड बिशप में दस दिवसीय रैप मैस्काट प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किया गया है। इस ट्रेनिंग कैंप में भाग ले रहे सिंचाई विशेषज्ञों व इंजीनियरों ने वीरवार को दादरी का दौरा किया। सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता वेदपाल सांगवान ने बताया कि बाकरा हेड से घिकाड़ा पंप हाउस तक इस नहर को लोहारू फीडर और इस पंप हाउस से आगे लोहारू तक लोहारू कैनाल कहा जाता है। फीडर पर कोई पंप हाउस नहीं है और कैनाल पर नौ पंप हाउस बने हुए हैं।
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- ये है लोहारू फीडर और कैनाल की क्षमता
वेदपाल सांगवान ने बताया कि लोहारू फीडर की क्षमता 1300 क्यूसेक व लोहारू कैनाल की क्षमता 1100 क्यूसेक पानी की है। जल संसाधन प्राधिकरण की अध्यक्ष केशनी आनंद अरोड़ा व सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता डॉ. सतबीर कादियान की निगरानी में नहर के आधुनिकीकरण का प्लान बनाया जा रहा है।
- इन जगहों का किया निरीक्षण
एशियन बैंक के टीम लीडर फ्रांस निवासी डेनियल रीनाल्ट वीरवार को दादरी आए और फीडर का शुरुआती मुहाना बाकरा हेड, बधवाना हेड पंप, पंप हाउस नंबर एक, पांच व छह, लोहारू कैनाल, लाडावास, सौरा डिस्ट्रीब्यूटरी आदि का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम के अधिकारियों ने किसानों से फसलों, पानी की सिंचाई, फव्वारा सिस्टम, माइक्रो इरीगेशन, नहरी पानी की चोरी आदि के बारे में बातचीत की।
- 65 किलोमीटर की दूरी में होंगे ये कार्य
वेदपाल सांगवान ने बताया कि लोहारू फीडर और लोहारू कैनाल करीब 65 किलोमीटर लंबी है। इस नहर का नवीनीकरण करने के लिए टीम पूरी गहनता से अध्ययन कर रही है। नहर को इसकी क्षमता के मुताबिक पानी संग्रह करने लायक बनाया जाएगा, फिलहाल यह क्षमता से कम पानी ले रही है। कंक्रीट की इसमें लाइनिंग करवाई जाएगी और इसके साथ नई तकनीकों का भी नहर में इस्तेमाल होगा, जिससे कि किसानों को टेल तक पानी मिल सके।
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