तहसीलदार कार्यालय में रजिस्टरी कराने पहुंची महिला व पुरुष।
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तहसील कार्यालयों में जमीन की रजिस्टरी पर लगी पाबंदी हटा दी गई है। इसके साथ ही किताबों की दुकानें भी खुली रहेंगी। इसके अलावा कृषि संयंत्रों के पार्ट की दुकानें भी खुली रहेंगी। हालांकि औद्योगिक इकाईयां खोलने को लेकर अभी भी असमंजस बरकरार है।
सोमवार को दादरी तहसीलदार अजय कुमार ने बताया कि रजिस्टरी कराने के लिए पहुंचने वाले लोगों के लिए सरल केंद्र में मार्किंग करवाई गई है। एक रजिस्टरी पांच मिनट में करने के निर्देश हैं। इसी निर्देशानुसार सोमवार को छह रजिस्टरी की गई हैं। पहले रजिस्टरी के लिए जमीन बेचने वाले और खरीदने वाले के साथ नंबरदार का होना भी जरूरी था। लॉकडाउन के चलते अब यह अनिवार्यता हटा दी गई है। हालांकि जमीन बेचने और खरीदने वाले का आधार कार्ड और जमीन की फर्द होना जरूरी है। रजिस्टरी के लिए भुगतान चेक, आरटीजीएस या फिर डिमांड ड्राफ्ट से की जाएगी। लॉकडाउन के चलते कार्यालय में पूरा स्टाफ नहीं बुलाया जा रहा है। रजिस्टरी क्लर्कों की ड्यूटी शेड्यूलवाइज लगाई गई है। एक दिन छोड़कर एक रजिस्टरी क्लर्क को ड्यूटी पर बुलाया जा रहा है।
एक माह में होती हैं 450 रजिस्टरी
तहसीलदार अजय कुमार ने बताया कि लॉकडाउन के चलते सरकार ने रजिस्टरी कराने के नियमों में कुछ समय के लिए फेरबदल किया है। उन्होंने बताया कि सामान्य दिनों में दादरी तहसील में एक महिने के अंदर करीब 450 रजिस्टरी होती हैं। सरकार के निर्देशानुसार अब एक दिन में दो घंटे ही रजिस्टरी संबंधी फाइलों का निपटान होगा और एक दिन में अधिकतम 23 रजिस्टरी की जा सकेंगी।