चरखी दादरी। आरटीए टीम का पीछा कर उनकी लोकेशन व्हाट्सएप ग्रुपों में साझा करने का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि आरटीए टीम ने स्कॉर्पियो सवार आरोपी को पकड़ लिया। उसके पास से दो मोबाइल बरामद हुए, जिनमें अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप बने मिले। टीम की शिकायत पर झोझूकलां थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
आरटीए विभाग में तैनात इंस्पेक्टर कुलदीप ने बताया कि बुधवार रात वह अपनी टीम के साथ ओवरलोड वाहनों पर नकेल कसने के लिए झोझूकलां थाना क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। उसी दौरान एक स्कॉर्पियो सवार व्यक्ति उनका पीछा करने लगा। काफी देर तक स्कॉर्पियो सवार के सरकारी गाड़ी का पीछा करने पर टीम ने झोझूकलां के जावा चौक के समीप उसे रुकवा लिया।
टीम द्वारा शक होने पर तलाशी लेने पर स्कॉर्पियो चालक के पास से दो मोबाइल मिले। टीम ने जब दोनों फोन की जांच की तो उनमें व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये टीम की लोकेशन साझा करना मिला। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपनी पहचान झोझूकलां निवासी भूप सिंह के रूप में बताई। इसके बाद आरोपी से बरामद मोबाइल और शिकायत इंस्पेक्टर कुलदीप ने झोझूकलां थाने में दी। इस पर संज्ञान लेकर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और ओवरलोड माफिया से मिलीभगत कर सरकार को नुकसान पहुंचाने संबंधी मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
इन ग्रुपों में दी गई दी जानकारी
पुलिस को एक फोन में तीन व्हाट्सएप ग्रुप। इनमें प्रधानजी हेल्पलाइन, प्रधानजी हेल्पलाइन पहाड़, भाईचारा एकता जिंदाबाद शामिल है। इन ग्रुपों में टीम की गाड़ी की लोकेशन भेजी गई थी। इनके अलावा टीम को दूसरे फोन में सूचना देने की वॉयस रिकॉर्डिंग भी मिली।
तीन दिन में दो बार हो चुका कहासुनी
आरटीए टीम और ओवरलोड माफिया के बीच पिछले तीन दिन में दो बार कहासुनी हो चुकी है। तीन दिन पहले गांव समसपुर के समीप कहासुनी होने के बाद डंपर मालिकों और चालकों ने देर रात ही आरटीए कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया था। वहीं, इसके अगले दिन लोहारू रोड पर चेकिंग कर रही आरटीए टीम को भी ओवरलोड माफिया की ओर से धमकी दी गई थी।
चेकिंग के दौरान आभास हुआ कि स्कॉर्पियो सवार पीछा कर रहा है। संदेह के आधार पर जब उसे रुकवाकर मोबाइल की जांच की तो शक सही नहीं निकला। इस संबंध में झोझूकलां थाने में शिकायत दे दी है।
-कुलदीप सिंह, इंस्पेक्टर, आरटीए