चरखी दादरी। जिले की अनाज मंडियों और खरीद केंद्रों पर सरसों व गेहूं की आवक और खरीद जारी है। दूसरी ओर उठान धीमी होने के कारण 15,517 किसानों का 314 करोड़ का भुगतान अटका हुआ है। वे आए दिन मंडी स्थित खरीद एजेंसी के कार्यालय व आढ़तियों की दुकानों के चक्कर काटने के लिए विवश हैं। सरसों का 232 करोड़ और गेहूं का 82 करोड़ का भुगतान बाकी है।
वहीं, खरीद एजेंसी अधिकारियों का तर्क है कि सरसों बेचने वाले किसानों के खातों में अब तक 216 करोड़ और गेहूं बेचने वाले किसानों के खातों में 39.77 करोड़ की भुगतान राशि डाली जा चुकी है। प्रयास है कि जल्द से बाकी किसानों के खातों में भी भुगतान राशि डाल दी जाए। इसके लिए उठान प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा।
जिले के 6 खरीद केंद्रों पर गेहूं के 8,389 गेटपास कटे हैं। और 4,96,990 क्विंटल की आवक हुई है। एजेंसी ने 4.41 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद कर 2.63 लाख क्विंटल की उठान कराई है। वहीं, तीन केंद्रों पर सरसों बेचने के लिए 30,933 किसानों ने गेटपास कटवाए हैं। कुल 7,48,769 क्विंटल की आवक हुई है। खरीद एजेंसी 7.10 लाख क्विंटल की खरीद कर चुकी है जबकि उठान 4.50 लाख क्विंटल का हुआ है।
खरीद एजेंसी प्रतिनिधि का दावा है कि बुधवार देर सायं तक सरसों बेचने वाले 15,416 किसानों के खाते में 216 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान कर दिया है। इसके साथ ही 2752 किसानों को 1,58,686 क्विंटल गेहूं खरीद के एवज में 39.77 करोड़ का भुगतान हो चुका है।
तीन केंद्रों पर सरसों के गेटपास, आवक व खरीद की ये है स्थिति
खरीद केंद्र- गेट पास कटे- आवक- खरीदी गई सरसों
दादरी-20,382-5,07,305-4,82,970
बाढड़ा-5,477-1,14,890-1,05,517
झोझूकलां-5,074-1,26,574-1,15,521
जिले के खरीद केंद्रों पर गेहूं का ये है आंकड़ा
खरीद केंद्र- गेट पास-आवक-खरीद का आंकड़ा
दादरी-3,659-2,41,340-2,15,980
बाढड़ा-817-35,540-28,168
झोझूकलां-455-22,620-17,749
बौंदकलां-1,667-1,02,650-89,016
बेरला-579-31,320-29,605
छपार-1,212-63,520-60,696
इन भाव पर खरीदे गए गेहूं- सरसों
सरकार की ओर से किसानों के लिए रबी की फसल खरीद के लिए सरकारी भाव तय किए गए हैं। खरीद एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि सरकार की ओर से गेहूं का भाव प्रति क्विंटल 2,425 निर्धारित किया गया है जबकि सरसों का भाव 5720-6010 रुपये तक तय किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह लाभ उन पात्र किसानों को ही मिलेगा, जिन्होंने अपनी फसल का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज करवाया है।
उठान प्रक्रिया को गति देने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही मंडियों में पड़ी खरीदी गई फसल की उठान करवा दी जाएगी।
-सतीश कुमार, मैनेजर, खरीद एजेंसी हैफेड