चरखी दादरी। शहर के मातृ-शिशु अस्पताल में लिफ्ट बंद रहने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की अलग-अलग मंजिलों पर स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य कार्यालयों का संचालन होने से लोगों को एक मंजिल से दूसरी मंजिल तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है।
इससे विशेषकर गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, नवजात शिशुओं के परिजनों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अस्पताल में लिफ्ट जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद इसका लाभ नहीं मिल पाने से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। मातृ-शिशु अस्पताल की पहली मंजिल पर लेबर रूम, अल्ट्रासाउंड कक्ष और विशेष नवजात देखभाल इकाई (एसएनसीयू) संचालित है। इन सेवाओं के कारण यहां गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और उनके परिजनों की आवाजाही बनी रहती है।
दूसरी मंजिल पर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र कार्यालय और होम्योपैथिक चिकित्सक का कक्ष है, जबकि तीसरी मंजिल पर डायलिसिस सेंटर चल रहा है। ऐसे में विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं और कार्यालयों तक पहुंचने के लिए मरीजों व आम लोगों को सीढ़ियां चढ़नी और उतरनी पड़ रही हैं।
गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए मुश्किल
अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले सभी मरीजों की शारीरिक स्थिति एक जैसी नहीं होती। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए सीढ़ियां चढ़ना आसान नहीं है। वहीं, नवजात शिशुओं को लेकर आने वाले परिजनों को भी एक मंजिल से दूसरी मंजिल तक पहुंचने में दिक्कत होती है। डायलिसिस सेंटर तक पहुंचने वाले मरीजों के लिए भी लिफ्ट बंद रहना अतिरिक्त परेशानी का कारण बन सकता है।
मरम्मत कर जल्द शुरू करने की जरूरत
अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ सुगम आवाजाही की सुविधा मिलना भी जरूरी है। लिफ्ट लंबे समय तक बंद रहने से अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी को देखते हुए संबंधित विभाग को लिफ्ट की स्थिति की जांच करवाकर आवश्यक मरम्मत करानी चाहिए, ताकि इसे जल्द दोबारा शुरू किया जा सके।
वर्सन:
हमने लिफ्ट को ठीक करवाने के लिए इंजीनियर को बुलाया गया था उन्होंने लिफ्ट के नीचे चव्वे का पानी भरने की बात कही है। हमने इंजीनियर को हर हाल में लिफ्ट ठीक करवाने को कहा है। जल्दी ही लिफ्ट की मरम्मत का कार्य करवा चालू करवाया जाएगा।
- डॉ. सुमन तंवर, कार्यवाहक सिविल सर्जन, दादरी।