संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से कॉलेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने से वंचित रहे विद्यार्थियों के लिए 21 से 27 अक्तूबर तक दाखिला पोर्टल एक बार फिर से चालू किया गया था। विभाग ने न केवल प्रथम वर्ष के नए आवेदनों के लिए बल्कि सभी कक्षाओं में दाखिलों के लिए पोर्टल खोला था। जिस उम्मीद से कॉलेजों में दाखिले होने की उम्मीद थी, उन पर भी पानी फिरता नजर आ रहा है। किसी कॉलेज में दो तो किसी कॉलेज में 4 नए दाखिलों से ज्यादा आवेदन नहीं मिल पाए। ऐसे में अब भी कॉलेजों में 40 से 50 प्रतिशत सीटें खाली हैं। सबसे बुरी स्थिति कॉमर्स संकाय की है, जहां कक्षाएं बन पाना भी संभव नजर नहीं आ रहा है।
सोमवार को दाखिला करवाने का अंतिम मौका था। इस दौरान जिले के बड़े कॉलेजो में 3-4 एडमिशन ही हो पाए। वहीं, अधिकतर कॉलेजों में दाखिला कमेटी विद्यार्थियों का इंतजार ही करती रही गई। अब उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से फिर से पोर्टल खोला जाएगा या नहीं, इस पर असमंजस है। ऐसे में कॉलेजों में 50 से 60 प्रतिशत सीटें खाली ही रह गई हैं।
देखने में आया है कि पिछले 3-4 वर्षों में अचानक कॉलेजों में होने वाले दाखिलों की संख्या आधी हो गई है। इसके पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। सबसे बड़ा कारण है कि विद्यार्थी अब कॉलेजों में उच्च शिक्षा ग्रहण करने के बजाय सरकारी नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर देते हैं।
इसके लिए वे कोचिंग सेंटर या लाइब्रेरी में बैठकर पढ़ाई करते हैं। इसके अलावा, जो विद्यार्थी कॉलेज में पढ़ाई करना भी चाहते हैं वे बड़े शहरों में दाखिला ले रहे हैं। इसके कारण दादरी जिले के अधिकतर कॉलेजों में दाखिले काफी कम हो रहे हैं।