फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डेंगू-मलेरिया : 799 मकानों में मिले लारवा, 64 मालिकों को नोटिस

Thu, 10 Jul 2025 10:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो: 19
विज्ञापन

मरीज के खून का नमूना लेता स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी। संवाद

फोटो:20
कूलर में लारवा की जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद
फोटो: 21
लारवा मिलने के बाद सकोरे को खाली करता टीम का सदस्य। संवाद
- इस सीजन में जिले में मिल चुके डेंगू के 3 व मलेरिया का एक केस, 11 लाख घरों की जांच कर चुकीं टीमें

- 571 टीमें पहुंच रहीं घर-घर
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले में नियमित अंतराल पर बारिश हो रही है। इससे विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव की समस्या है। ऐसे में डेंगू व मलेरिया के पैर पसारने का अंदेशा है। इसके मद्देनजर जिला स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। विभाग की 571 टीमें घर-घर जाकर पानी के बर्तनों की जांच कर रही हैं। अब तक 799 मकानों में लारवा मिले हैं। इस पर संज्ञान लेकर विभाग ने 64 मालिकों को नोटिस थमाए हैं।
बारिश के सीजन में डेंगू व मलेरिया के मरीजों की संख्या पर अंकुश लगाने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग लगातार घरों में टीमें भेजकर लारवा की जांच करवा रहा है। विभाग की ओर से लगाए गए 40 डीबीसी और 9 एमपीएचडब्ल्यू संदिग्ध मरीजों की जांच कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप रहे हैं। वहीं, जनवरी से 10 जुलाई तक विभागीय टीमें 11,34,165 घरों की जांच कर चुकी हैं। हालांकि, इनमें एक घर की एक से अधिक विजिट भी शामिल हैं।
विज्ञापन

जांच के दौरान टीमों को 320 घरों में डेंगू के लारवा मिला। इसके अलावा, विभिन्न प्रतिष्ठानों के अंदर 479 बर्तनों में भी लारवा पाए गए। टीम ने लारवा मिलने पर 64 घरों को नोटिस जारी किए।
जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डेंगू और मलेरिया से बचने के लिए लोगों का जागरूक होना जरूरी है। इसके मद्देनजर नियमित जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
- टीमों ने की 17.09 लाख बर्तनों की जांच
अभियान के तहत टीमों ने 11,34,165 घरों में दस्तक देकर लारवा की जांच की है। जांच के दौरान टीमों ने घरों में रखे 17,09,039 बर्तनों को भी जांचा। जांच के दौरान 327 बर्तनों में लारवा पाए गए। इसके अलावा, 1,47,963 कूलरों को भी जांचा गया। उनमें भी लारवा मिले। इसके साथ ही 4,38,485 टंकियों में जमा पानी की जांच की गई। इनमें 94 में लारवा पाए गए।
- मलेरिया की 35,576 स्लाइड की तैयार
स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षक मुकेश सांगवान ने बताया कि बुखार से पीड़ित मरीजों में मलेरिया के लक्षण जांचने के लिए 35,576 स्लाइड्स तैयार की गईं। फिलहाल, इस सीजन में मलेरिया का एक पॉजिटिव केस सामने आया है। फिर भी विभाग पूर्णतया सतर्क है। रैपिड फीवर सर्वे में भी टीमों ने 1717 लोगों की जांच की।
- एक्सपर्ट व्यू : सावधानी बरतें लोग, आसपास न भरने दें पानी
जिला मलेरिया नोडल अधिकारी डॉ. सुमन तंवर ने बताया कि डेंगू से बचने के लिए लोगों का जागरूक होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि घरों के आसपास बने गड्ढों में मिट्टी भरवा दें। कूलर, हौदी या अन्य पानी से भरे बर्तनों को सप्ताह में एक बार जरूर खाली करें। रात को सोते वक्त शरीर को ढकने वाले वस्त्र पहनें। बुखार आने पर चिकित्सक की सलाह लेकर ही उपचार शुरू करें।
- 7 दिन में बनता है डेंगू मच्छर
डेंगू व मलेरिया अधिकारी डॉ. सुमन तंवर ने बताया कि लगातार साफ पानी ठहरने के बाद उसमें पनपे लारवा का मच्छर बनने में एक सप्ताह का समय लग जाता है। इस अवधि के बाद डेंगू मच्छर कभी भी लोगों को काट सकता है।
विज्ञापन


वर्सन:
टीमें लगातार घर-घर पहुंचकर लोगों को डेंगू और मलेरिया से बचने के उपाय बता रही हैं। इसके अलावा, स्कूलों और कॉलेजों में पहुंचकर जागरूकता मुहिम चलाई जा रही है। अब तक 799 जगहों पर लारवा मिले हैं। 64 लोगों को नोटिस दिए गए। इस सीजन में जिले में डेंगू के 3 व मलेरिया का एक केस सामने आ चुका है।
-डॉ. सुमन तंवर, डेंगू एवं मलेरिया नोडल अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें