कादमा। 10 हजार की आबादी वाले कादमा गांव में ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं की कमी का दंश झेल रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी स्ट्रीट लाइटों की कमी से आ रही है। इनकी कमी से पूरे बाजार में रातभर अंधेरा रहता है। गांव में चोरी व प्रतिष्ठान में आग लगाने तक की घटनाएं हो चुकी हैं। इससे ग्रामीणों में भय व्याप्त है।
कादमा से करीब 10 से अधिक गांवों के लोगों का जुड़ाव है। कादमा बाजार में करीब 250 से ज्यादा दुकानें हैं। आसपास के गांवों के लोग भी खरीदारी के लिए यहीं आते हैं। दूसरी ओर, इस बाजार की सुरक्षा रामभरोसे है। यहां स्ट्रीट लाइटें नहीं हैं। रात होते ही अंधेरा छा जाता है। इस समय बाजार की सुरक्षा का जिम्मा एक निजी चौकीदार संभाल रहा है। अंधेरे में सभी दुकानों की निगरानी रखना उसके लिए भी संभव नहीं है।
ग्रामीणों की मानें तो, सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की कोई गंभीरता नहीं दिखती। कई बार चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। दुकानदारों का कहना है कि रात को अंधेरे और चौकसी की कमी से असामाजिक तत्वों को खुलेआम छूट मिल जाती है। स्थानीय व्यापारियों ने पंचायत से लेकर प्रशासन तक कई बार इस समस्या को उठाया है, लेकिन, अब तक न स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं और न ही पुलिस गश्त बढ़ाई गई।
एक दुकानदार ने बताया कि कुछ समय पहले एक नशेड़ी ने रात को एक दुकान में आग भी लगा दी थी। दुकानदार सुनील, सुमित, धर्मेंद्र, गजे सिंह, भूपेंद्र व रमेश ने गांव के अड्डे व पूरे बाजार में स्ट्रीट लाइटें लगवाकर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
इस संबंध में सरपंच प्रतिनिधि, कादमा महेश कुमार ने बताया कि पंचायत ने 150 स्ट्रीट लाइटों की मांग भेज रखी है। जिला पार्षद के कोटे से लाइटें आने पर पूरे गांव में लगाई जाएंगी, जिनमें अड्डा प्रमुख स्थान होगा। पुरानी जो लाइटें खराब हैं, उनकी मरम्मत भी जल्द करवाई जाएगी। अड्डे की सुरक्षा व रोशनी दोनों का ध्यान रखा जाएगा। संवाद