चरखी दादरी। जिला अस्पताल में कई विभागों में लंबे समय से विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। इससे मरीजों को भारी परेशानी हो रही है। इनमें दो विभाग प्रमुख रूप से हैं। एक बाल (शिशु) रोग और दूसरा चर्म रोग विशेषज्ञ हैं। इसका सीधे तौर पर असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है।
नागरिक अस्पताल की रोजाना की ओपीडी औसतन 1200 के करीब रहती है। ऐसे में विशेषज्ञ चिकित्सक के नहीं होने पर इनके मरीजों को सामान्य चिकित्सक ही उपचार के लिए परामर्श उपलब्ध करवाते हैं। हालांकि अगस्त माह में नागरिक अस्पताल में आठ और मेडिकल ऑफिसर (एमओ) ने ज्वाइन किया है। इससे यहां फिलहाल एमओ की कमी दूर हो गई है।
नागरिक अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के 56 पद सृजित हैं। नए 8 मेडिकल ऑफिसर की तैनाती के बाद यहां 53 एमओ हो गए हैं और फिलहाल 3 पद यहां खाली पड़े हैं। इसके अलावा नागरिक अस्पताल से लेबर वार्ड मातृ शिशु अस्पताल में स्थानांतरित कि दिया गया है। जिले में मातृ-शिशु अस्पताल और बौंदकलां सीएचसी में ही सिजेरियन डिलीवरी सुविधा है। बाकी जगहों पर ऐसी कोई सुविधा नहीं है।
जिले में हर माह औसतन 25 से 30 सिजेरियन डिलीवरी होती है। मातृ शिशु अस्पताल में दो गायनोकॉलोजिस्ट हैं। डॉ. शिल्पा ओपीडी देखती हैं, वहीं डॉ. सविरा सेठी सिजेरियन डिलीवरी करवाती हैं। डॉ. सविरा सेठी फिलहाल एक सप्ताह के अवकाश पर चल रही हैं।
इन विशेषज्ञों की तैनाती का अभी इंतजार
नागरिक अस्पताल में विशेषज्ञों के करीब 5 से 6 पद खाली पड़े हैं। इनमें फिजिशियन, एमडी मेडिसिन, बाल (शिशु) रोग विशेषज्ञ, चर्म रोग विशेषज्ञ आदि प्रमुख हैं। ये पद खाली होने से मरीजों व तीमारदारों को दूसरे जिलों की भागदौड़ करनी पड़ रही है।
जिले में स्वीकृत हैं एमओ के 107 पद
दादरी जिले में नागरिक अस्पताल के अलावा एक मातृ-शिशु अस्पताल, तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन सभी 17 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मेडिकल ऑफिसर के 107 पद सृजित हैं।
शौचालयों की नहीं हुई सफाई, पेयजल को तरसे लोग
अमर उजाला के बुधवार के अंक में नागरिक अस्पताल में पेयजल की कमी और वीरवार के अंक में शौचालयों की सफाई को प्रमुखता से उठाया गया था। उसके बाद अस्पताल में दोनों समस्याएं जस की तस हैं। जब अस्पताल में दोनों सुविधाओं की पड़ताल की गई तो स्थिति वैसी ही मिली।
विशेषज्ञों के खाली पदों को भरने के लिए मांग मुख्यालय भेजी जा चुकी है। जिला स्तर पर भी स्वास्थ्य विभाग इसके लिए प्रयासरत है। नागरिक अस्पताल में जल्द ही विशेषज्ञों की कमी दूर हो जाएगी।
- डॉ. राहुल अरोड़ा, डिप्टी सीएमओ एवं प्रवक्ता, नागरिक अस्पताल।