चरखी दादरी के कबीर नगर स्कूल में टाट पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करते हुए विद्यार्थी।
चरखी दादरी। जिला के प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त डेस्क नहीं है और दरी व टाट पट्टी पर बैठाकर विद्यार्थियों को पढ़ाई कराई जा रही है। इसके साथ ही कई स्कूलों में तो बोर्ड भी उचित प्रकार से नहीं लगाए गए हैं और जैसे-तैसे पिलरों पर बांधकर काम चलाया जा रहा है।
बता दें कि संवाददाता ने विद्यार्थियों को दी जा रही मूलभूत सुविधाओं के लिए स्कूलों में पड़ताल की। इस दौरान पाया कि वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में बोर्ड व डेस्क की उचित व्यवस्था है, लेकिन प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए इन सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। विद्यार्थियों के बैठने के लिए उचित भवन नहीं है और निजी भवनों में संचालन होने के कारण विद्यार्थियों को जमीन पर बैठाकर ही शिक्षक पढ़ाई कराने को मजबूर हैं। सरकार की ओर से सुविधाओं के लिए ग्रांट दी जाती है, लेकिन निजी भवनों में संचालन होने के कारण ग्रांट खर्च नहीं कर पाते।
शहर के दो स्कूल धर्मशालाओं में चल रहे हैं। इनमें शिक्षक अपने स्तर पर ही विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं। पढ़ाने के लिए सरकार ने बोर्ड भेजे हैं, लेकिन लगाने के लिए निजी भवनों में उचित व्यवस्था नहीं हो पाती है। इसके चलते स्कूलों में अस्थायी तौर पर बोर्ड लगाए गए हैं। इसमें किसी को लकड़ी स्टैंड तो किसी को पिलरों से बांधा गया है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
शहर के बधवाना गेट राजकीय प्राथमिक विद्यालय व कबीर नगर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में बोर्ड रखने के लिए पिलरों व लकड़ी स्टैंड का सहारा लिया गया है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को बैठाने के लिए डेस्क व दरी और टाट पट्टी की व्यवस्था की गई है।