पुरानी अनाज मंडी स्थित खाद वितरण केंद्र। संवाद
- दादरी शहर में दो दिनों से नहीं हुआ है खाद वितरण, वीरवार को भी पैक्स समिति कार्यालयों से मायूस होकर लौटे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले में वीरवार को भी किसी केंद्र पर यूरिया व डीएपी खाद का वितरण नहीं हुआ। किसान पैक्स समिति कार्यालयों के चक्कर काटते रहे, लेकिन, खाद की खेप न आने से उन्हें मायूस लौटना पड़ा। वहीं, कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार को 1600 बैग डीएपी के पहुंचने की उम्मीद है। डीएपी रेवाड़ी से मंगवाई जा रही है।
इस समय बाजरा, कपास व धान की फसलों में यूरिया की अधिक जरूरत है। किसान डीएपी को यूरिया में मिलाकर कपास व धान में छिड़काव करते हैंं। ताकि, बढि़या पैदावार मिल सके। जिले में इस समय खेती खासी बढि़या स्थिति में है। सभी प्रकार की फसलों की वृद्धि ठीक प्रकार से हो रही है। बारिश से फसलों को खासा फायदा पहुंचा है। ज्यादा मात्रा में जलभराव होने की वजह से फसल में नुकसान की आशंका बढ़ जाती है।
जिले में 16 पैक्स समितियां हैं। इनके माध्यम से यूरिया व डीएपी खाद का वितरण किया जाता है। इनके अलावा, प्राइवेट बिक्री केंद्र भी खाद की बिक्री करते हैं। प्राइवेट विक्रेता खाद के साथ सल्फर व जिंक आदि की थैली खरीदने के लिए किसान पर दबाव बनाते हैं। तब उन्हें यूरिया व डीएपी उपलब्ध कराया जाता है।
दादरी खंड में नगर स्थित जमीदारा सोसायटी कार्यालय की ओर से खाद का वितरण किया जाता है। एक किसान को आधार कार्ड से यूरिया के पांच व डीएपी के तीन बैग दिए जाते हैं।
वर्सन
शुक्रवार को डीएपी खाद पहुंचने की उम्मीद है। किसानों के लिए खाद की कमी नहीं रहने दी जाएगी। जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध करवाई जा रही है।
-कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग