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Charkhi Dadri News: लैब का डिस्टिल वाटर प्लांट खराब, नहीं हो पा रही कई प्रकार की जांच

Fri, 12 Jan 2024 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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जगदीप सिंह
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चरखी दादरी। नागरिक अस्पताल स्थित लैब में डिस्टिल वाटर प्लांट खराब होने से कई प्रकार की जांच नहीं हो पा रही है। ऐसे में अस्पताल आए मरीजों को परेशानी हो रही है। उन्हें आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। सरकारी लैब में जांच न होने से मरीजों को निजी लैब में अधिक खर्च वहन करना पड़ रहा है। इसके बाद ही उनका उपचार शुरू हो पा रहा है। मरीजों ने अस्पताल प्रशासन से डिस्टिल वाटर प्लांट को जल्द ठीक करवाने की मांग की है।

नागरिक अस्पताल में बेहतर निशुल्क उपचार करवाने के लिए कई मरीज आते हैं। अस्पताल में तैनात चिकित्सक मरीजों की बीमारी की जड़ तक पहुंचने के लिए विभिन्न जांच करवाते हैं ताकि मरीजों का सही उपचार किया जा सके लेकिन अस्पताल की मुख्य लैब में पिछले एक माह से डिस्टिल वाटर प्लांट खराब है। ऐसे में चिकित्सकों की ओर से लिखा गया एलएफटी, केएफटी, यूरिक एसिड और सीआरपी आदि जांच नहीं हो पा रहे हैं। मरीज बाहर निजी लैब में जाकर ये जांच करवा रहे हैं।
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ऐसे में जहां मरीजों को शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ रही है तो जांच के लिए उन्हें 500 रुपये तक का भुगतान करना पड़ रहा है। गरीब तबके के लोगों के लिए बाहर जाकर ये टेस्ट करवाना आसान नहीं है। उन्होंने परेशानी और मजबूरी का हवाला देकर अस्पताल प्रबंधन से समस्या का समाधान जल्द करवाकर निशुल्क जांच सेवा बहाल करवाने की मांग की है।



- अस्पताल में रोज होती थी 300 जांच
चिकित्सक लिवर की जांच के लिए एलएफटी, किडनी के लिए केएफटी, घुटनों के दर्द की स्थिति जांचने के लिए आरए फैक्टर और सीआरपी जांच की संस्तुति करते हैं। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर ही चिकित्सक रोगी पंजीकरण पत्र में दवा का नाम लिखते हैं। सिविल अस्पताल की लैब में जब डिस्टिल वाटर प्लांट ठीक था तो उस दौरान विभिन्न बीमारियों का पता लगाने के लिए रोजाना करीब 300 जांच होती थी। अब इस अस्पताल की दैनिक ओपीडी करीब 1,300 है। अब लैब में प्लांट खराब होने के कारण जांच नहीं हो पा रही है और मरीजों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।


निजी लैब संचालक कर रहे मनमानी

सरकारी अस्पताल में ये सभी जांच निशुल्क करवाई जातीं हैं जबकि निजी लैब संचालक हर जांच के 500 रुपये तक वसूल रहे हैं। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जांच की एवज में मरीज लैब संचालकों को रोजाना काफी भुगतान कर रहे हैं। उनकी परेशानी को सुलझाने के लिए विभाग को खराब डिस्टिल वाटर प्लांट को जल्द ठीक करवाना चाहिए।
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हमने लैब में लगे डिस्टिल वाटर प्लांट को ठीक करवाने के आदेश जारी कर दिए हैं। जल्द ही डिस्टिल वाटर प्लांट ठीक होने के बाद मरीजों के निशुल्क जांच शुरू हो सकेगी। - डॉ. गौरव भारद्वाज, कार्यवाहक सीएमओ, चरखी दादरी।
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