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Charkhi Dadri News: सुबह घूमने के लिए घर से निकला श्रमिक गिरा नहर में, मौत

Wed, 30 Jul 2025 10:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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फोटो 09
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पोस्टमार्टम के दौरान दादरी नागरिक अस्पताल में मौजूद मृतक के परिजन। संवाद
- ढाणी फोगाट निवासी मृतक का दादरी सदर थाना पुलिस ने नागरिक अस्पताल में कराया पोस्टमार्टम, चचेरे भाई के बयान पर की गई इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। सुबह घर से घूमने के लिए निकला ढाणी फोगाट निवासी श्रमिक सुरेश (42) संदिग्ध परिस्थितियों में नहर में डूब गया। करीब दो घंटे बाद गोताखोरों की मदद से उसका शव नहर से निकाला गया। दादरी सदर थाना पुलिस ने उसके चचेरे भाई नरेश के बयान पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई करते हुए नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया।
पुलिस को दिए बयान में नरेश ने बताया कि सुरेश उसका चचेरा भाई था। वह मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। बुधवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे वह घर से घूमने का नाम लेकर निकला था। करीब छह बजे वह बधवाना नहर में गिर गया। उसे गिरते हुए खेत में काम कर रहे किसानों ने देख लिया।
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इसके तुरंत बाद प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस और दमकल विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही डायल 112 टीम मौके पर पहुंची और सिंचाई विभाग को सूचित कर माइनर में पानी बंद करवा दिया। इसके बाद गोताखोरों को मौके पर बुलाया गया। गोताखोरों की मदद से दो घंटे बाद सुरेश का शव नहर से बाहर निकाला जा सका। सुरेश का शव करीब 100 मीटर की दूरी पर बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने शव को नागरिक अस्पताल लाकर पोस्टमार्टम कराया।

इस संबंध में जांच अधिकारी एवं एएसआई, दादरी सदर थाना विनोद कुमार ने बताया कि नहर में डूबने से ढाणी फोगाट निवासी सुरेश की मौत हुई है। पुलिस ने सुरेश के चचेरे भाई के बयान पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है। दादरी नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
- 6 साल पहले छोटे भाई की हुई थी मौत
ढाणी फोगाट के ग्रामीणों ने बताया कि 6 साल पहले सुरेश के छोटे भाई धर्मेंद्र की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हुई थी। वह हादसा भी गांव के समीप रेलवे लाइनों पर हुआ था। अब सुरेश की मौत ने परिवार को एक और दर्द दे दिया।
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- तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
सुरेश के तीन बच्चे हैं। इनमें दो बेटियां व एक बेटा है। सुरेश मजदूरी कर बच्चों का पालन-पोषण करता था। वहीं, उसके चले जाने से अब घर में कमाई का कोई जरिया नहीं बचा है। वहीं, बच्चों की परवरिश का बोझ अब सुरेश की पत्नी पर आ गया है।
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