चरखी दादरी। शहर व कस्बों में रहने वाले पशुपालकों के सामने सबसे बड़ी समस्या होती है गोबर निपटान की। सीमित जगह में पशुपालन करने के बाद गोबर को इकट्ठा करने और उसके सही निपटान के लिए स्थान की कमी के कारण गंदगी, दुर्गंध और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। इस चुनौती का समाधान किताबो देवी (65) ने अपने अनोखे प्रयास से खोज निकाला है।
लोहारू रोड निवासी किताबो देवी ने गोबर से ब्रिकेट्स और गोबर ईंटें बनाना शुरू किया है। यह तकनीक न केवल पर्यावरण हितैषी है, बल्कि, आमदनी का साधन भी बन सकती है। ये गोबर ब्रिकेट्स और ईंटें ईंधन के रूप में चूल्हों और भट्ठियों में इस्तेमाल की जा सकती हैं और इनका भंडारण भी बेहद आसान है। किताबो देवी ने बताया कि गोबर को सुखाकर विशेष आकार में ढालने की तकनीक से ये उत्पाद बनाए जाते हैं। इसके लिए उन्होंने किसी बड़ी मशीन या पूंजी का सहारा नहीं लिया, बल्कि, अपने अनुभव, मेहनत और प्रयोग से यह तरीका अपनाया।