चरखी दादरी। गीता भवन में श्रीराम कथा और सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ शुक्रवार को कलश यात्रा के साथ हुआ। अमरनाथ धाम से पधारे परमानंद महाराज का सानिध्य रहा।
कथा वाचक के रूप में ऋषिकेश से पधारे हरिदास ब्रह्मचारी महाराज ने कलश यात्रा का शुभारंभ किया। यात्रा गीता भवन से प्रारंभ होकर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरती हुई गीता भवन पहुंची। महाराज ने बताया कि कलश देवत्व और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। इसे धारण करने से वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। कलश यात्रा की महिमा शास्त्रों में भी वर्णित है। यह न केवल धार्मिक परंपरा का प्रतीक है, बल्कि समाज में एकता, सद्भावना और सांस्कृतिक जागरण का संदेश भी देती है।
आयोजन में विजय कुमार गर्ग, शिव चरण मास्टर, डॉ. सुभाष जैन, गौरीशंकर सिंघल, रोहताश शर्मा, धीरज गर्ग, अमित शास्त्री, नरेश गर्ग, रामफल शर्मा, मुकेश मौजूद रहे।