चरखी दादरी। पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान ने रविवार को कार्यकर्ता सम्मेलन के बहाने शक्ति प्रदर्शन किया। मेजबान चौक के समीप आयोजित सम्मेलन में सांगवान के साढ़े चार हजार से ज्यादा समर्थक पहुंचे। समर्थकों की भीड़ से गदगद सतपाल सांगवान अपने चिर-परिचित हरियाणवी अंदाज में दिखे और 25 मिनट के संबोधन में खूब तंज कसे। हालांकि सम्मेलन की समाप्ति से पहले उन्होंने स्पष्ट कहा कि भविष्य के चुनाव को लेकर फैसला वो रहेगा जो कार्यकर्ता चाहेंगे।
बता दें कि करीब एक माह पहले सतपाल सांगवान ने जजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद छोड़ दिया था जबकि इससे पहले उन्होंने जजपा की टिकट पर गत विधानसभा चुनाव लड़ा था। जजपा के पद को अलविदा कहने के बाद पहली बार उन्होंने शक्ति प्रदर्शन किया। वहीं, सांगवान समर्थकों ने करीब डेढ़ घंटे तक उनके मंच पर आने का इंतजार किया।
सुबह 12:40 पर सतपाल सांगवान आयोजनस्थल पर पहुंचे और नौ वक्ताओं के अपनी बात रखने के बाद उन्होंने अपना संबोधन शुरू किया। संबोधन की शुरुआत में उन्होंने समर्थकों का इतनी बड़ी तादाद में पहुंचने पर आभार जताया और उसके बाद हरियाणवी लहजे में पच्चीस मिनट तक अपनी बात कार्यकर्ताओं के समक्ष रखी। हालांकि उन्होंने ये स्पष्ट नहीं किया कि वो किसी संगठन से चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं, लेकिन ये फैसला कार्यकर्ताओं पर ही छोड़ दिया।
- फैसला वो ल्यूंगा, जो कार्यकर्ता चाहवैंगे
सतपाल सांगवान ने समर्थकों के समक्ष दो पंक्तियों के जरिये अपने मन की बात रखी। उन्होंने कहा कि जो तुम एक वादा करो, जो तुम कहोगे वो मैं करूंगा और जो मैं कहूंगा वो तुम करूंगा। इसके बाद सतपाल ने कहा कि फैसला वो ल्यूंगा जो कार्यकर्ता चाहवैंगे।
- 12 बार विधायक और 7 बार सांसद का किया जिक्र
सतपाल सांगवान ने अपने 25 मिनट के भाषण में दादरी विधायक सोमबीर सांगवान पर 12 बार और सांसद धर्मबीर सिंह पर सात बार जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि दो माह तक शहर से पानी की निकासी नहीं हो पाई और महाशय जी व सांसद नजर तक नहीं आए। संबोधन के दौरान सतपाल सांगवान ने एक बार उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का भी नाम लिया।
- हरियाणवी लहजे में कही इन बातों ने गुदगुदाने के साथ लोगों से बजवाई ताली
. थम देखियो, भीड़ देख कै कइयां न तकलीफ होगी
. बंसीलाल आगे मैं थारै करकै ए बुलडोजर था
. इब जो वादा करो वो तोड़ियो ना, बूढ़ला मारा ज्यागा
. इस विधायक तै पहल्ड़ा तो कदै दिख्या एक कौनी
. चुनाव तै पहले अलग-अलग थे, इब सांसद-एमएलए एक हो लिए सै
. या भीड़ दैखकै मैं तो बावला होग्या