संवाद न्यूज एजेंसी
कादमा। नशामुक्ति के लिए राजयोग रामबाण औषधि है। यह हमें आंतरिक रूप से सशक्त बनाकर मनोबल को बढ़ाता है। ये उद्गार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के चिकित्सा प्रभाग व सरकार के संयुक्त सहयोग से संचालित नशामुक्त भारत अभियान के तहत गांव कादमा बस स्टैंड व मुख्य गलियों में ग्रामीणों से बीके वसुधा ने व्यक्त किए।
ब्रह्माकुमारी वसुधा ने कहा कि भारत व विश्व की 21 संस्कृतियों में से 19 संस्कृतियों का नाश नशे के कारण हुआ है। आज की युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाना सभी का परम कर्तव्य है। नशा बंद नहीं हुआ तो परिवार व समाज में मूल्यों की गिरावट बढ़ेगी। नशा इसका मूल कारण बनेगा।
उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक मूल्यों व राजयोग के नियमित अभ्यास से हम अपने जीवन को श्रेष्ठ बना सकते हैं।