बाढ़डा। बाल श्रम के खिलाफ प्रशासन और संबंधित विभागों की संयुक्त टीम ने बुधवार को विशेष अभियान चलाते हुए विभिन्न प्रतिष्ठानों से पांच नाबालिग बच्चों का रेस्क्यू किया। ये बच्चे होटल, रेस्टोरेंट, सर्विस स्टेशन, शेक व जूस की दुकानों सहित अन्य प्रतिष्ठानों पर काम करते हुए मिले। टीम ने बच्चों को मौके से सुरक्षित निकालकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए संबंधित विभागों को सौंप दिया।
कार्रवाई में डीटीएफ की टीम के साथ बीबीए पंचकूला के स्टेट कोऑर्डिनेटर पुनीत शर्मा, श्रम विभाग से लेबर इंस्पेक्टर प्रदीप, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य अधिवक्ता सूरज खुराना, बाल कल्याण समिति के सदस्य संदीप कुमार व जिला बाल संरक्षण इकाई से ऊषा सोनी शामिल रहे। वहीं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट दादरी से एएसआई सोनू कुमार और हेड कांस्टेबल राजबीर सिंह तथा महिला निरीक्षक शीला देवी भी टीम का हिस्सा रहे।
संयुक्त टीम ने बाढड़ा क्षेत्र में विभिन्न दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पांच बच्चे काम करते हुए मिले, जिन्हें रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। इसके बाद बच्चों की उम्र और अन्य आवश्यक तथ्यों की जांच करते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि बच्चों से श्रम करवाना कानूनन अपराध है और बाल श्रम रोकने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जा रहे हैं। टीम ने दुकानदारों और आमजन से अपील की कि बच्चों को काम पर लगाने के बजाय उनकी शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य को प्राथमिकता दें।